इंडोनेशिया में अनक क्राकाताओ ज्वालामुखी फटने के बाद आई भयंकर सुनामी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 429 पर पहुंच गई है। जबकि 1459 लोग घायल हो गए हैं। वहीं 128 लोग लापता हैं। इस बार ही नहीं बल्कि पहले भी यहां सुनामी का कारण ज्वालामुखी ही बनी थी। 2004 में यहां आई सुनामी से दुनिया के 14 देश प्रभावित हुए थे, जिसमें से एक भारत भी था। साल 1883 में भी ज्वालामुखी विस्फोट हुआ था, जिसके बाद क्राकाटाओ ज्वालामुखीय द्वीप अस्तित्व में आया। चलिए बात करते हैं सुनामी के कारणों के बारे में।
इसलिए आई सुनामी
इंडोनेशिया में इस बार जो सुनामी आई है वह सुंडा जलसंधि के तट पर आई। जिसका कारण अनक क्राकाटाओ की संतान कहे जाने वाली ज्वालामुखी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस द्वीप का निर्माण क्राकाटाओ ज्वालामुखी के लावा से हुआ था। सुंडा खाड़ी इंडोनेशिया के जावा और सुमात्रा के बीच है। जो जावा समुद्र को हिंद महासागर से जोड़ती है।