चीन: इस कमांडर ने दलाई लामा समर्थकों और उइगरों की आवाज दबाई थी, अब मिली भारत से लगी सीमा पर सेना की जिम्मेदारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 07 Sep 2021 03:25 PM IST
सार
चीन ने इस बीच पिछले 9 महीने में तीन बार वेस्टर्न थिएटर कमांड का नेतृत्व बदला है। यानी भारत और चीन के बीच गतिरोध शुरू होने के बाद से जनरल वांग वेस्टर्न थिएटर कमांड के प्रमुख का पद संभालने वाले चौथे कमांडर हैं।
चीन ने तिब्बत और शिनजियांग प्रांत में कमांडर की भूमिका निभा चुके वांग हाईजियांग को सौंपी अपनी सबसे बड़ी वेस्टर्न थिएटर कमांड की जिम्मेदारी।
- फोटो : Social Media
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत के साथ लगने वाली सीमाओं पर निगरानी रखने वाली पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की वेस्टर्न थियेटर कमान का नया कमांडर जनरल वांग हेईजियांग को नियुक्त किया है। चीन की आधिकारिक मीडिया के मुताबिक, जिनपिंग ने वांग को जनरल की रैंक पर प्रमोट कर दिया है। इसके बाद उनके पास भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से लगते अहम कूटनीतिक क्षेत्र की जिम्मेदारी है। चीन में सैन्य सेवा में कार्यरत अधिकारियों के लिए जनरल सर्वोच्च रैंक होती है।
चीन ने तिब्बत और शिनजियांग प्रांत में कमांडर की भूमिका निभा चुके वांग हाईजियांग को सौंपी अपनी सबसे बड़ी वेस्टर्न थिएटर कमांड की जिम्मेदारी।
- फोटो : Social Media
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत के साथ लगने वाली सीमाओं पर निगरानी रखने वाली पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की वेस्टर्न थियेटर कमान का नया कमांडर जनरल वांग हेईजियांग को नियुक्त किया है। चीन की आधिकारिक मीडिया के मुताबिक, जिनपिंग ने वांग को जनरल की रैंक पर प्रमोट कर दिया है। इसके बाद उनके पास भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से लगते अहम कूटनीतिक क्षेत्र की जिम्मेदारी है। चीन में सैन्य सेवा में कार्यरत अधिकारियों के लिए जनरल सर्वोच्च रैंक होती है।
कौन है जनरल वांग हेईजियांग?
जनरल वांग हेईजियांग के बारे में जो जानकारी सार्वजनिक तौर पर मौजूद है, उसके मुताबिक 1977 में चीनी सेना में शामिल होने के बाद वियतनाम युद्ध में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। युद्ध में चीन की हार के बावजूद बहादुरी के लिए वांग को फर्स्ट क्लास मेरिट से सम्मानित किया गया। इसके बाद वांग लगातार कामयाबी की सीढ़ियों पर चढ़ते गए। उन्हें पहले दक्षिण शिनजियांग में डिप्टी कमांडर के तौर पर नियुक्ति मिली थी। इस क्षेत्र में तैनात पीएलए की निगरानी में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन के कब्जे में गया भारत का अक्साई चिन का इलाका आता है।
शिनजियांग के बाद वांग को प्रमोशन लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर प्रमोशन देकर तिब्बत भेजा गया। 10 दिसंबर 2019 को केंद्रीय सैन्य कमांड के अध्यक्ष और राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें चीन के कब्जे वाले तिब्बत में तैनात किया था। यहां वांग को दलाई लामा के समर्थकों और स्वायत्त तिब्बत की मांग कर रहे लोगों की आवाज दबाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बताया जाता है कि वांग हाईजियांग ने पहाड़ी इलाकों के अपने अनुभव के आधार पर सैन्य ट्रेनिंग को लेकर रिसर्च पेपर भी लिखे हैं। इसमें उसने तिब्बत में रक्षा ढांचा खड़ा करने की जरूरतों पर जोर भी दिया था।
वांग हाईजियांग को पिछले महीने ही शी जिनपिंग ने शिनजियांग क्षेत्र का कमांडर नियुक्त किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेस्टर्न कमांड के अंतर्गत आने वाले शिनजियांग में उन्हें लाने का मकसद अफगानिस्तान की हलचल पर नजर रखना और उइगरों के विद्रोह से जुड़ी गतिविधियों को कुचलना था। हालांकि, एक महीने बाद ही उन्हें पूरे वेस्टर्न थिएटर कमांड की जिम्मेदारी सौंपने का ऐलान हुआ है।
नौ महीने में तीसरी बार बदला वेस्टर्न थिएटर कमांड का नेतृत्व
चीन ने इस बीच पिछले 9 महीने में तीन बार वेस्टर्न थिएटर कमांड का नेतृत्व बदला है। यानी भारत और चीन के बीच गतिरोध शुरू होने के बाद से जनरल वांग वेस्टर्न थिएटर कमांड के प्रमुख का पद संभालने वाले चौथे कमांडर हैं। जहां पहले दिसंबर 2020 में जनर झाओ जोंगकी के रिटायरमेंट के बाद जनरल झांग शुदोंग ने इस कमांड की जिम्मेदारी संभाली थी। वहीं, जुलाई में उन्हें हटाकर इस कमांड की जिम्मेदारी जनरल शू किलींग को सौंपी गई थी। उन्हें भी जनरल रैंक पर प्रमोट किया गया था और फिर कमांड का नेतृत्व दिया गया। अब दो महीने बाद ही एक बार फिर वेस्टर्न थिएटर कमांड के प्रमुख सैन्य अधिकारी को बदला गया है। ऐसे में चीनी सोशल मीडिया पर लगातार हो रहे इन सैन्य परिवर्तनों को लेकर सवाल भी खड़े होने लगे हैं।
चीन के लिए क्यों अहम है वेस्टर्न थिएटर कमांड?
शिनजियांग, तिब्बत स्वायत्तशासी क्षेत्रों और भारत के साथ लगने वाली सीमा की निगरानी की जिम्मेदारी इसी वेस्टर्न थिएटर कमांड के अंतर्गत है। पीएलए के तहत यदि किसी कमांड के दायरे में सबसे बड़ा भौगोलिक क्षेत्र है तो वह वेस्टर्न थियेटर कमांड ही है। इस कमांड के अंतर्गत आने वाला अधिकतर इलाके में स्थिति फिलहाल संवेदनशील है। फिर चाहे वह अफगानिस्तान हो या भारत। भारत से लगी सीमा पर तो दोनों देशों के सैनिक पिछले एक साल से ज्यादा समय से टकराव की स्थिति में हैं। अब तक दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत के बावजूद भी कुछ ही क्षेत्रों से सेनाएं पीछे हटी हैं, जबकि डेपसांग पर स्थिति अभी भी तनावपूर्ण हैं।