फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

30 महीने पहले शुरू हुई थी ब्रेक्जिट की कहानी, टेरीजा सरकार के पास बचे हैं अब ये रास्ते

Thu, 17 Jan 2019 11:16 AM IST
Shilpa Thakur वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

  • ब्रिटेन में पहला जनमत संग्रह 23 जून, 2016 को हुआ।
  • इस वोटिंग के अगले ही दिन प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने इस्तीफा दे दिया।
  • सरकार के पास अब तीन रास्ते बचे हैं।
विज्ञापन
theresa may - फोटो : PTI
विज्ञापन
ब्रिटेन की संसद में ब्रेक्जिट समझौते पर हुए ऐतिहासिक मतदान में प्रधानमंत्री टेरीजा मे को करारी हार का सामना करना पड़ा। समझौते के पक्ष में 202 वोट पड़े, जबकि 232 सांसदों ने इसका विरोध किया। इसी के साथ यूरोपीय संघ के साथ ब्रेक्जिट को लेकर किया गया समझौता भी रद्द हो गया। ब्रिटेन को 29 मार्च को यूरोपीय संघ से अलग होना है और ये समय करीब आता जा रहा है। ब्रेक्जिट की इस कहानी की शुरुआत हुई थी करीब 30 महीने पहले, चलिए विस्तार से जानते हैं कि कब क्या हुआ-

पहला जनमत संग्रह

ब्रिटेन में ब्रेक्जिट के आने से सबसे बड़े राजनीतिक संकट की शुरुआत हुई। आज भी ये संकट जारी है। इस मुद्दे पर ब्रिटेन में पहला जनमत संग्रह 23 जून, 2016 को हुआ था। इसमें 52 फीसदी लोगों ने यूरोपीय संघ से अलग होने के पक्ष में मतदान किया था। इस वोटिंग के अगले ही दिन प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने इस्तीफा दे दिया।
विज्ञापन

टेरीजा बनीं नई प्रधानमंत्री

2 of 7
theresa may
टेरीजा मे 13 जुलाई, 2016 को ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री बनीं। उन्होंने 2 साल में ब्रेक्जिट का दावा किया। मे कंजरवेटिव पार्टी से हैं। मे ने 2 साल में ब्रेग्जिट प्रक्रिया को पूरा करने के वादे के साथ शपथ ली।
विज्ञापन
विज्ञापन

आर्टिकल 50 लागू

3 of 7
ब्रेग्जिट
29 मार्च, 2017 में सरकार ने यूरोपीय संघ छोड़ने के लिए आर्टिकल 50 लागू किया। इस आर्टिकल के अनुसार 2 साल के भीतर ब्रिटेन को समझौते के साथ या उसके बिना यूरोपीय संघ को छोड़ना होगा। 

टेरीजा मे की पार्टी को नहीं मिला बहुमत

4 of 7
टेरेसा मे, प्रधानमंत्री, ब्रिटेन
ब्रिटेन में 8 जून, 2017 में आम चुनाव हुए। इन चुनावों के नतीजे टेरीजा मे की पार्टी के लिए अच्छे नहीं रहे। पार्टी को इन चुनावों में पूर्ण बहुमत नहीं मिला। 
विज्ञापन

यूरोपीय संघ से अलग होने का बिल

5 of 7
BREXIT
संसद में यूरोपीय संघ से अलग होने का बिल 26 जून 2018 को पेश हुआ था।  
विज्ञापन

5 मंत्रियों का इस्तीफा

6 of 7
support of Brexit
ब्रेग्जिट मंत्री डेविस समेत टेरीजा कैबिनेट के 5 मंत्रियों ने 8 जुलाई, 2018 में इस्तीफा दे दिया। इसके बाद 14 नवंबर को कंजरवेटिव पार्टी ब्रेक्जिट डिवोर्स सेटलमेंट के लिए मान गई। फिर 15 नवंबर को 4 अन्य मंत्रियों ने भी इस्तीफा दे दिया।
विज्ञापन

टेरीजा मे के पास तीन रास्ते

7 of 7
pm theresa may - फोटो : PTI
आगे की राह में टेरीजा मे के पास तीन रास्ते होंगे, जिनमें से पहला है हार्ड ब्रेक्जिट, दूसरा आम चुनाव और तीसरा है एक बार फिर जनमत संग्रह कराना। 

हार्ड ब्रक्जिट- टेरीजा मे हार्ड ब्रेक्जिट को पेश कर सकती हैं, जिसे ब्रेक्जिट को मूल रूप से पेश करना भी कह सकते हैं। इसका मतलब ये हुआ कि जब 29 मार्च को ब्रिटेन यूरोपीय संघ से अलग हो जाएगा, तब इसके बाद एक नए समझौते पर चर्चा शुरू होगी, कि ब्रिटेन के अलग होने के बाद दोनों देशों में कैसा संबंध रहता है। वहीं अगर समयसीमा को 29 मार्च से बढ़ाना है तो सरकार को इसके लिए यूरोपीय संघ के पास नए सुझाव का आग्रह भेजना होगा। साथ ही सरकार को एग्जिट डे की परिभाषा में भी बदलाव करना होगा।

आम चुनाव- टेरीजा सरकार ब्रेक्जिट पर गतिरोध खत्म करने के लिए आम चुनाव कराने का फैसला भी कर सकती है। लेकिन समय से पहले चुनाव कराने के लिए पीएम टेरीजा को हाउस ऑफ कॉमन्स में दो-तिहाई सांसदों का समर्थन प्राप्त करना होगा।

एक बार फिर जनमत संग्रह- संसद से अनुमति लेने के बाद सरकार दोबारा से ब्रक्जिट पर जनमत संग्रह करवा सकती है। लेकिन इसमें एक परेशानी यह है कि इसके लिए कुछ जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होती है, जिसके लिए अब अधिक समय नहीं बचा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next