अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने अपने आधिकारिक आवास पर दिवाली मनाई। इस दौरान उन्होंने मेहमानों से कहा कि प्रकाश के इस त्योहार को मनाना बहुत जरूरी है क्योंकि दुनिया आज इस्राइल-हमास युद्ध के कारण कठिन और अंधेरे क्षण का सामना कर रही है।
हमारी दुनिया में बहुत कुछ हो रहा
भारतीय मूल की हैरिस ने मंगलवार को अपने आवास पर दिवाली मनाई। उन्होंने कहा, 'हम ऐसे समय में दिवाली मना रहे हैं, जब हमारी दुनिया में बहुत कुछ हो रहा है। मुझे लगता है कि यह बहुत जरूरी है कि हम दिवाली मनाएं। यह त्योहार प्रकाश का जश्न मनाने के बारे में है। हम समझते हैं कि यह हमेशा प्रकाश और अंधेरे क्षणों के बीच अंतर को समझने के संदर्भ में है।'
मेरे और मेरे पति डौग के लिए दिल तोड़ने वाला
उन्होंने कहा, 'निश्चित रूप से कठिन समय चल रहा है। हम कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं, लेकिन विशेष रूप से इस्राइल और गाजा से आने वाली रिपोर्टों को देखना बहुत ही दुखद है। मैं हम सभी के लिए जानती हूं और निश्चित रूप से मेरे और मेरे पति डग के लिए यह दिल तोड़ने वाला है।
हमास और फलस्तीनी में अंतर समझ सकें
उन्होंने आगे कहा, 'बस यह स्पष्ट करना चाहती हूं कि राष्ट्रपति जो बाइडन और मैं इस्राइल के अपनी रक्षा करने के अधिकार का समर्थन करने के लिए काम कर रहे हैं। हम गाजा में लोगों द्वारा प्राप्त की जाने वाली मानवीय सहायता की आवश्यकता का समर्थन करते हैं। हमारा मानना है कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम हमास और फलस्तीनी में अंतर समझ सकें।'
अमेरिकी बंधकों को घर लाएं
हैरिस ने कहा, 'यह बेहद महत्वपूर्ण है कि हम अमेरिकी बंधकों को घर लाएं और हम उस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से रोकें। इसलिए मैं उन शब्दों को बोलूंगी, यह समझते हुए कि यह गंभीर रूप से महत्वपूर्ण है कि जब हम दिवाली जैसी कोई चीज मनाएं, तो यह इस तरह से प्रकाश डालने के बारे में भी है जो सच बोलने के बारे में है।' उन्होंने कहा, 'मैं फलस्तीनी लोगों के लिए भी यह कहना चाहती हूं, मैंने यह कई बार कहा है और मैं इसे फिर से कहूंगी उनके पास एक अधिकार है और वे आत्मनिर्णय और गरिमा के लिए एक अवसर पाने के हकदार हैं। हम इसका भी समर्थन करना जारी रखेंगे।'
तीन सौ लोग शामिल हुए
उपराष्ट्रपति ने निर्वाचित भारतीय-अमेरिकी सांसदों रो खन्ना, श्री थानेदार, राजा कृष्णमूर्ति और प्रमिला जयपाल को छोड़कर आमंत्रित अतिथियों के साथ बातचीत नहीं की। हैरिस द्वारा दिवाली मनाए जाने से पहले कई समूहों ने समारोहों का बहिष्कार करने का आह्वान किया था। दिवाली समारोह में करीब 300 लोग शामिल हुए।