काबुल में हुए दो आत्मघाती हमले (FILE PHOTO)
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अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के एयरपोर्ट पर गुरुवार को हुए आत्मघाती हमलों पर चीन ने हैरानी जताई है। शुक्रवार को बीजिंग में मीडिया ब्रीफिंग में चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा कि चीन वहां आतंकी खतरों व युद्ध को रोकने के लिए विश्व समुदाय के साथ मिलकर काम करेगा। उधर, दिल्ली स्थित इस्राइली दूतावास की प्रभारी रोनी डिडेडिया क्लेन ने कहा कि इन हमलों से इस्राइल दुखी व स्तब्ध है।
चीन के प्रवक्ता ने विश्व समुदाय से आग्रह किया कि वह अफगानिस्तान में आतंकी खतरों से निपटने के लिए सहयोग करे और युद्धग्रस्त देश को आतंकवाद का अड्डा बनने से रोके। उन्होंने कहा कि काबुल में चीन का दूतावास अब भी काम कर रहा है। उसने पुष्टि की है कि हमले में कोई चीनी नागरिक हताहत नहीं हुआ है।
यह पूछने पर कि क्या चीन अफगानिस्तान में सक्रिय आतंकी समूहों के खिलाफ अमेरिका व अन्य पश्चिमी देशों की साझा कार्रवाई में हिस्सा लेगा? और क्या चीन को विश्वास है कि तालिबान आईएसआईएस—के से निपटने में समक्ष है? चीनी राजदूत ने कहा कि हम आतंकवाद के हर रूप का विरोध करते हैं।
दिल्ली में इस्राइली दूतावास की प्रभारी क्लेन ने कहा कि अमेरिकी सेना और हवाई अड्डे पर मौजूद अफगानी लोगों पर ऐसा दुखद और भयानक आतंकवादी हमले से हम स्तब्ध और दुखी हैं। हम अफगानिस्तान में मानवाधिकारों की बिगड़ती स्थिति को लेकर बेहद चिंतित हैं। हमने सोचा था कि शायद चीजें सामान्य होने लगेंगी लेकिन ऐसा लगता है कि हालात और भी खराब होते जा रहे हैं।