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SCO Summit: जयशंकर एससीओ सम्मेलन में शामिल होने के लिए पहुंचे कजाखस्तान, विदेश मंत्री नुरतलु से की मुलाकात

Wed, 03 Jul 2024 11:43 AM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अस्ताना

सार

विदेश मंत्री एस जयशंकर शंघाई सहयोग संगठन के वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए मंगलवार को कजाखस्तान पहुंचे। दो दिवसीय बैठक से पहले उन्होंने अस्ताना में अपने समकक्ष मूरत नुरतलु से मुलाकात की।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर कजाखस्तान के मूरत नुरतलु से मुलाकात की - फोटो : एक्स/jaishankar
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विस्तार
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विदेश मंत्री एस जयशंकर शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए मंगलवार को कजाखस्तान पहुंचे। दो दिवसीय बैठक से पहले उन्होंने अस्ताना में कजाखस्तान के अपने समकक्ष मूरत नुरतलु से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने मध्य एशिया के साथ भारत की बढ़ती भागीदारी समेत कई मुद्दों पर चर्चा की। 

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नुरतलु से मिलकर खुशी हुई 
जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि उन्हें नुरतलु से मिलकर खुशी हुई और दोनों ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

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उन्होंने कहा, 'आज अस्ताना में कजाखस्तान के डीपीएम और विदेश मंत्री मूरत नुरतलू से मिलकर खुशी हुई। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन की व्यवस्थाओं के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। हमने रणनीतिक साझेदारी और विभिन्न क्षेत्रों में मध्य एशिया के साथ भारत की बढ़ती भागीदारी पर चर्चा की। क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान भी किया।'

दो दिन यहां रहेंगे विदेश मंत्री
जयशंकर तीन और चार जुलाई को एससीओ शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और व्यापार को बढ़ावा देने के तरीकों पर बात होने की उम्मीद है।
 


एससीओ में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं और यह एक प्रभावशाली आर्थिक और सुरक्षा समूह है जो सबसे बड़े अंतर-क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय संगठनों में से एक के रूप में उभरा है।

जयशंकर ने रूसी विदेश मंत्री के समक्ष भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया
इसके बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस के अपने समकक्ष सर्गेई लावरोव के समक्ष युद्ध क्षेत्र में भारतीय नागरिकों का मुद्दा उठाया और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।

जयशंकर ने कहा, 'रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात कर आज खुशी हुई। हमारी द्विपक्षीय साझेदारी और समकालीन मुद्दों पर व्यापक बातचीत हुई। दिसंबर 2023 में हमारी आखिरी मुलाकात के बाद से कई क्षेत्रों में हुई प्रगति पर चर्चा की।’
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दोनों विदेश मंत्रियों के बीच यह मुलाकात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करने के लिए मास्को की प्रस्तावित यात्रा से पहले हुई है।

जयशंकर ने पोस्ट में कहा, 'भारतीय नागरिकों को लेकर अपनी गंभीर चिंता जतायी जो अभी युद्ध क्षेत्र में हैं। उनकी सुरक्षित तथा जल्द वापसी पर जोर दिया।' उन्होंने बैठक की तस्वीरें भी पोस्ट की हैं। उन्होंने लावरोव के साथ वैश्विक सामरिक परिदृश्य पर भी चर्चा की।

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