जयशंकर संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें उच्च स्तरीय सत्र में हिस्सा लेने के लिए सोमवार को न्यूयॉर्क आए थे। मंगलवार को उन्होंने अपनी द्विपक्षीय बैठकों की शुरुआत फ्रांस के यूरोप और विदेशी मामलों के मंत्री जीन-य्वेस लि ड्रायन के साथ एक बैठक के साथ की।
विदेश मंत्री ने एक ट्वीट में कहा, 'दिन की बैठक की शुरुआत हमारे रणनीतिक भागीदार फ्रांस के साथ की। (फ्रांस के) विदेश मंत्री के साथ अफगानिस्तान, हिंद-प्रशांत और अन्य मुद्दों पर चर्चा की। भारत और फ्रांस, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मजबूत भागीदार हैं।'
इसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मैरिस पेन के साथ बैठक की। भारत और ऑस्ट्रेलिया 'क्वाड' का हिस्सा हैं। दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हालिया विकासों पर चर्चा की। जयशंकर ने अपने ईरानी समकक्ष एच अमीरअब्दुल्लाहियां के साथ भी बैठक की।
दक्षिण कोरियाई समकक्ष चुंग यूई-योंग से भी की मुलाकात
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने अपने दक्षिण कोरियाई समकक्ष चुंग यूई-योंग से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक बातचीत की, जिसमें दक्षिणी नीति और भारत की एक्ट ईस्ट नीति शामिल है। जयशंकर ने ट्वीट करते हुए लिखा कि कोरिया के विदेश मंत्री चुंग यूई-योंग से मिलकर बहुत खुशी हुई। हमारे संबंधों के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से बातचीत हुई। कोरिया की नई दक्षिणी नीति और भारत की एक्ट ईस्ट नीति ने हिंद-प्रशांत में हमारे अभिसरण को मजबूत किया है।
इटालियन समकक्ष लुइगी डि माओ के साथ भी की मुलाकात
इसके बाद जयशंकर ने अपने इटालियन समकक्ष लुइगी डि माओ के साथ मुलाकात कर विभिन्न मुद्दे पर चर्चा की। इस दौरान विदेश मंत्री जयशकंर ने वैक्सीन से संबंधित चुनौतियों पर भी चर्चा की। बता दें कि इटली के विदेश मंत्री लुइगी डि माओ वर्तमान G20 अध्यक्ष हैं।
तंजानिया के एफएम लिबर्टा मुलामुला से की मुलाकात
विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने तंजानिया के एफएम लिबर्टा मुलामुला से मुलाकात पर ट्वीट किया कि हमारी विकास साझेदारी और पारंपरिक राजनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे।