मालागो ने कहा है कि तीन साल तक इंतजार करना किसी प्रोफेशनल खिलाड़ी के लिए बहुत मुश्किल होता है। लेकिन इस समय यूरोप में आव्रजन विरोधी माहौल है। ऐसे समय में खिलाड़ियों को ध्यान में रख कर नागरिकता कानून में संशोधन का दक्षिणपंथी गुटों की तरफ से प्रबल विरोध होने की संभावना है। इसे देखते हुए देश के गृह मंत्री लुसियाना लामोरगीसी ने इस मामले में राजनीतिक आम सहमति बनाने पर जोर दिया है।
लेकिन वामपंथी नेताओं ने कहा है कि नागरिकता कानून को सिर्फ खिलाड़ियों के लिए उदार नहीं बनाया जाना चाहिए। वामपंथी झुकाव वाली डेमोक्रेटिक पार्टी ने कहा है कि वह इस मामले में संसद में बहस का नोटिस देगी। उन्होंने कहा- ‘ओलंपिक खेलों ने वही बात साबित की है, जो हम काफी समय से कहते रहे हैं। नागरिकता एक अधिकार है, कोई ऐसी चीज नहीं, जिसे कमा कर हासिल करना पड़े।’ उन्होंने कहा- अधिकार सबके लिए होते हैं, सिर्फ किन्ही खास श्रेणी के लोगों के लिए नहीं। इसलिए नियम सबके लिए समान होने चाहिए, चाहे वो ओलंपिक खिलाड़ी हों, या डॉक्टर या कारखाने का मजदूर।
लेकिन धुर दक्षिणपंथी लीग पार्टी ने कहा है कि अगर नागरिकता की शर्तों को उदार बनाने के लिए कोई बिल संसद में आया, तो वह उसे पारित नहीं होने देगी। पार्टी की नेता निकोला मोल्तेनी ने कहा- नागरिकता एक हैसियत है, अधिकार नहीं। इसलिए लीग पार्टी ये सुनिश्चित करेगी कि देश में नागरिकता का नियम न बदला जाए।