भारत में मौजूद इस्राइल के राजदूत नाओर गिलोन ने कहा कि मुझे कई समर्थकों के फोन आए। फोन करने वालों में कई व्यापारी, मंत्री और सिविल सेवक हैं। भारत के ऐसे समर्थन से मैं बहुत उत्साहित हूं।
इस्राइल पर हमास आतंकवादियों द्वारा किए गए हमलों के बीच भारत ने इस्राइल को समर्थन देने की बात कही है। भारत में मौजूद इस्राइल के राजदूत नाओर गिलोन ने रविवार को इस पर प्रतिक्रिया दी। जिसमें उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में एक खास महत्व रखता है। भारत का इस्राइल को समर्थन आतंकवाद की गहरी समझ पर आधारित है। साथ ही उन्होंने कहा कि हमारा सोशल मीडिया भारतीय लोगों के समर्थन से भरा पड़ा है। हम इसकी सराहना करते हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि भारत आतंकवाद को जानता है।
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राजदूत गिलोन ने कहा, मुझे कई समर्थकों के फोन आए। फोन करने वालों में कई व्यापारी, मंत्री और सिविल सेवक है। ऐसे समर्थन से मैं बहुत उत्साहित हूं। साथ ही युद्ध स्थिति पर जानकारी देते हुए गिलोन ने कहा कि हमलों में इस्राइली और गैर-इस्राइली दोनों नागरिकों की जान गई है। जल्द ही उनका विवरण दुनिया के साथ साझा किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमास द्वारा किए गए रॉकेट हमलों पर इजराइल के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए शनिवार को कहा कि भारत की संवेदनाएं और प्रार्थनाएं निर्दोष पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं।
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क्या है मामला?
शनिवार को हमास के लड़ाकों द्वारा एक आश्चर्यजनक हमले में गाजा की सीमा का उल्लंघन करने के एक दिन बाद इस्राइल और हमास के बीच लड़ाई तेज हो गई है। हमास के रॉकेट हमलों और जमीनी हमले में मरने वालों की संख्या रविवार को 400 से अधिक हो गई, जबकि 2000 अन्य लोगों के घायल होने की सूचना है।
टाइम्स ऑफ इस्राइल ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि गाजा में कई इस्राइलियों को बंधक बना लिया गया था। वहीं एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑपरेशन का पहला चरण हमारे क्षेत्र में घुसने वाली कई दुश्मन ताकतों के खात्मे के साथ समाप्त हो गया था।
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए दावा किया कि उसने एक खतरनाक युद्ध शुरू किया है। इस्राइल रक्षा बल (आईडीएफ) उनकी क्षमता को कमजोर करने के लिए अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल करेगा।