पश्चिम एशिया में बीते एक साल से अधिक समय से जारी युद्ध के बीच इस्राइली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने बताया कि हिजबुल्ला की तरफ से लॉन्च मानव रहित विमान (यूएवी) ने सेना के एक आर्मी बेस को टक्कर मार दी। इस घटना में आईडीएफ ने कहा कि दुख की इस घड़ी में सेना शोक संतप्त परिवारों के साथ है। आईडीएफ ने हमले के संबंध में अफवाहें फैलाने और घायल व्यक्तियों के नाम साझा करने की अपील की। ईरान समर्थित लेबनान स्थिुत आतंकी संगठन हिजबुल्ला ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
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हिजबुल्ला ने कहा कि यह हमला गुरुवार को इस्राइली सेना द्वारा बेरूत में किए गए हमले का बदला था, जिसमें 22 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 100 से अधिक घायल हो गए। इस्राइली बचाव सेवा ने बताया कि इस हमले में 61 लोग घायल हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है। घायलों में से कुछ की हालत गंभीर है। इस्राइली मीडिया का कहना है कि दो ड्रोन दागे गए थे, जिसमें एक एक को रोक लिया गया। यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दूसरे ड्रोन को क्यों नहीं रोका गया।
अमेरिका ने इससे पहले रविवार को कहा था कि वे इस्राइली सुरक्षा में मदद के लिए वायु सुरक्षा प्रणाली जिसे टर्मिनल हाई अल्टीट्यूड एरिया डिफेंस के नाम से जाना जाता है, भेजेंगे। बता दें कि इस्राइल-हमास के बीच पिछले एक साल से संघर्ष जारी है। इस संघर्ष में अब हिजबुल्ला भी शामिल हो गया है।
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सेंट्रल गाजा में आईडीएफ का हवाई हमला
सेंट्रल गाजा के एक स्कूल में इस्राइली सेना के हवाई हमले में बच्चों समेत कम से कम 20 लोग मारे गए। रविवार को नुसीरत में हुए इस हमले में दो महिलाओं की भी मौत हो गई। इस स्कूल में कई लोग आश्रय लेकर रह रहे थे। शवों को अल अव्दा और अल-अक्सा शहीद अस्पताल ले जाया गया है।