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UN: 'आखिर युद्ध के भी नियम होते हैं!', इस्राइल के अल्टीमेटम पर बरसे यूएन चीफ, कहा- ये संभव ही नहीं

Sat, 14 Oct 2023 12:18 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क

सार

उत्तरी गाजा में ही 10 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं। ऐसे में इस्राइली अल्टीमेटम के अनुसार, 24 घंटे में 10 लाख से ज्यादा लोगों को विस्थापित कराना बेहद मुश्किल है।
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सभा को संबोधित करते यूएन महासचिव - फोटो : यूएन फोटो
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विस्तार
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इस्राइल हमास के बीच जारी युद्ध से पूरी दुनिया चिंतित है। अब इस्राइल द्वारा उत्तरी गाजा में रहने वाले करीब दस लाख लोगों को अगले 24 घंटे में इलाका खाली करने के अल्टीमेटम से तनाव और बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस्राइल के इस अल्टीमेटम पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। गुटेरेस ने कहा है कि यह संभव ही नहीं है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों को इतनी जल्दी निकाला जा सके। गुटेरेस ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि आखिर युद्ध के भी कुछ नियम होते हैं!
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24 घंटे में 10 लाख लोगों को गाजा खाली करने का अल्टीमेटम
बता दें कि हमास के ठिकानों पर हवाई हमले कर रही इस्राइली सेना ने गुरुवार को उत्तरी गाजा में रह रहे लोगों को इलाका खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। गाजा दुनिया के सबसे ज्यादा जनसंख्या घनत्व वाले इलाकों में से एक है और उत्तरी गाजा में ही 10 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं। ऐसे में इस्राइली अल्टीमेटम के अनुसार, 24 घंटे में 10 लाख से ज्यादा लोगों को विस्थापित कराना बेहद मुश्किल है। इस्राइल ने संयुक्त राष्ट्र के स्टाफ को भी इलाका खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। 

क्या बोले यूएन महासचिव
गुटेरेस ने कहा कि 'दस लाख से ज्यादा लोगों को युद्ध ग्रस्त इलाके से एक जगह से उस जगह ले जाना जहां ना खाना है ना पानी है और आवास हैं, यह बेहद खतरनाक है और संभव भी नहीं है।' बता दें कि पश्चिम एशिया के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र में सुरक्षा परिषद की बैठक भी होनी है। इस बैठक से पहले ही गुटेरेस ने उक्त बात कही। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि दक्षिण गाजा में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से चरमराई हुई हैं और अब वह और हजारों नए मरीजों के भार को नहीं झेल पाएंगी। गुटेरेस ने कहा कि 'गाजा पट्टी में ना पीने का पानी है, ना खाना है, ऐसे में पूरा क्षेत्र गंभीर संकट से गुजर रहा है।' गुटेरेस ने हमास से भी अपील की कि वह बंधक बनाकर रखे गए मासूम लोगों को तुरंत रिहा करे। यूएन महासचिव ने सभी देशों, खासकर जिनका अरब देशों पर व्यापक प्रभाव है उन्हें इस संघर्ष को रोकने के लिए प्रयास करने की अपील की। 
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