सूत्रों के मुताबिक अधिकांश अमेरिकी और इस्राइली खुफिया अधिकारियों को उम्मीद थी कि हमास की तरफ से छोटे हमले हो सकते हैं, जिसमें संभावना थी कि शायद कुछ रॉकेट दागे जाएंगे, जिन्हें इस्राइल का आयरन डोम रोक देगा।
हाल ही में दक्षिणी इस्राइल पर फलस्तीनी आतंकी संगठन हमास द्वारा किए गए हमले को लेकर नया खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी खुफिया सूत्रों ने हमले के एक दिन पहले ही चेतावनी दी थी कि फलस्तीनी-इस्राइल संघर्ष बढ़ सकता है। हालांकि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को इसका अनुमान नहीं था कि हमास इतने बड़े और क्रूर हमले को अंजाम देगा।
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गौरतलब है कि हमास ने 7 अक्तूबर को इस्राइल पर एक साथ बड़े पैमाने पर हमला किया था, जिसमें एक हजार से अधिक इस्राइली मारे गए। इस हमले के कारण ही इस्राइल और हमास के बीच युद्ध छिड़ गया, जिसमें अबतक करीब तीन हजार लोगों की जानें जा चुकी हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक अरब देशों सहित मध्य पूर्वी सहयोगियों ने बार-बार अमेरिकी और इस्राइली अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि फलस्तीनी गुस्सा खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
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सीआईए निदेशक ने भी जताई थी चिंता
सीआईए निदेशक बिल बर्न्स ने भी पिछले दिनों इस्राइली और फलस्तीनियों के बीच बढ़ती हिंसा पर चिंता व्यक्त की थी, जबकि अमेरिकी अधिकारी इस बात पर जोर देते रहे कि वे रणनीतिक रूप से स्थिति पर नजर रख रहे हैं, लेकिन वे स्थिति को भांपने में नाकाम रहे। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि इस क्षेत्र से संबंधित अधिकांश खुफिया जानकारी इस्राइल द्वारा प्रदान की जाती है।
हमास के खतरे को कम आंका था
अमेरिका और इस्राइल के अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने हमास द्वारा उत्पन्न खतरे को कम आंका था, और इस्राइल की रक्षा नीतियों के कारण वे बहुत संतुष्ट हो गए थे।
छोटे पैमाने पर हिंसा की थी संभावना
सूत्रों के मुताबिक अधिकांश अमेरिकी और इस्राइली खुफिया अधिकारियों को उम्मीद थी कि हमास की तरफ से छोटे हमले हो सकते हैं, जिसमें संभावना थी कि शायद कुछ रॉकेट दागे जाएंगे, जिन्हें इस्राइल का आयरन डोम रोक देगा।