कोरोना वैक्सीन (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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दुनिया में कोरोना ने जब से लोगों को अपनी चपेट में लेना शुरू किया, वैसे ही तमाम डॉक्टरों ने इसे खत्म करने के लिए वैक्सीन पर काम करना शुरू कर दिया। लेकिन वैक्सीन की स्टेज तक पहुंचना आसान नहीं था, कई देशों के राष्ट्रपतियों और बड़े स्तर पर बैठे अधिकारियों ने वैक्सीन ना लगाने का माहौल बनाया।
वैक्सीन को लेकर कई तरह की अफवाहें और झूठे दावे किए गए लेकिन अंत में हर जगह टीकाकरण अभियान शुरू हो गया। लेकिन अभी भी कुछ लोग ऐसे हैं जो वैक्सीन के ना लगवाने की सलाह दे रहे हैं और टीके को लेकर अजीब से बयान दे रहे हैं। हाल ही में ईरान के एक मुस्लिम धर्मगुरु ने दावा किया है कोविड-19 वैक्सीन से लोग समलैंगिक बन जाते हैं।
आयतुल्लाह अब्बास तबरीजियन ने सोशल मीडिया एप टेलीग्राम पर ये दावा किया। इस एप पर उनके दो लाख दस हजार फॉलोअर्स हैं। एक मीडिया कंपनी के अनुसार, तबरीजियन ने लिखा कि उन लोगों के पास मत जाइए, जिन्होंने कोरोना का टीका लगवा लिया है, ऐसे लोग समलैंगिक बन गए हैं।
प्रख्यात एलजीबीटीक्यू कैंपेनर पीटर टेशेल का कहना है कि यह बयान टीका और समलैंगिक समुदाय दोनों को नीचा दिखा रहा है। इस विवादित मौलवी ने पहले भी पश्चिमी दवाइयों पर कई तरह के दावे किए हुए हैं। पिछले साल जनवरी में, मुुस्लिम धर्मगुरु का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें वो एक अमेरिकी वैज्ञानिक की किताब जला रहे थे। किताब को जलाते हुए मुस्लिम धर्मगुरु ने दावा किया कि इस्लामिक दवाइयों ने इस तरह की किताबों को अप्रांसगिक बना दिया है।
ईरान में शासन द्वारा समलैंगिकता को दंडनीय करार किया हुआ है। ऐसा माना जाता है कि 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से देश में हजारों समलैंगिकों को फांसी दे दी गई थी। 2019 में ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जाविद जारिफ ने कहा था कि हमारे समाज के नैतिक सिद्धांत हैं और हम उन्हीं सिद्धांतों के सहारे जीते हैं।