मालवाहक जहाज (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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इंडोनेशिया के अधिकारियों ने मादक पदार्थों की खेप ले जाने के आरोप में सिंगापुर के झंडे वाले जहाज पर सवार तीन भारतीय नागरिकों को हिरासत में लिया है। दरअसल, इंडोनेशिया के अधिकारियों ने एक गुप्त सूचना मिली थी। इसके आधार पर करीमुन जिले के पोंगकर जलक्षेत्र में लीजेंड एक्वेरियस नाम के मालवाहक जहाज को रोका गया। जिस जगह पर कार्रवाई की गई, वह जगह सिंगापुर से नाव द्वारा लगभग एक घंटे की दूरी पर स्थित है।
जहाज में तीन भारतीय भी सवार थे
बताया गया है कि जहाज पर कैप्टन समेत इंडोनेशिया के चालक दल के 10 लोग सवार थे। सिंगापुर में स्थायी रूप से रह रहे भारतीय नागरिकता वाले तीन सदस्य भी इस जहाज पर सवार थे। इंडोनेशियाई राष्ट्रीय नारकोटिक एजेंसी (बीएनएन) के प्रमुख जनरल मार्थिनस हुकोम ने कहा कि आरोपियों के पास से मादक पदार्थ की खेप जब्त की गई। उधर, सिंगापुर के समुद्री एवं बंदरगाह प्राधिकरण (एमपीए) ने कहा कि बुधवार को उन्हें इंडोनेशिया के अधिकारियों द्वारा जहाज लीजेंड एक्वेरियस को रोके जाने की सूचना मिली थी। मामले की अधिक जानकारी लेने के लिए एमपीए, जहाज के मालिक के संपर्क में है। सभी को जांच में इंडोनेशियाई अधिकारियों के साथ सहयोग करने की सलाह दी गई है।
पुलिस की पूछताछ जारी
बीएनएन के उप महानिरीक्षक वायन सुगिरी ने कहा कि जहाज नौ जुलाई को सिंगापुर से जोहोर बाहरू के एक निजी बंदरगाह के लिए रवाना हुआ था। उन्होंने कहा, ‘तीनों भारतीय नागरिकों से पूछताछ में पता चला है कि वे सुरबाया, पापुआ होते हुए ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन जाने वाले थे। इस संबंध में पूछताछ जारी है।’ आरोप है कि 12 जुलाई को निजी बंदरगाह पर, तीनों भारतीय नागरिकों ने मादक पदार्थ की खेप को जहाज के इंजन रूम में रखा था। जहाज के कप्तान और चालक दल के नौ सदस्यों को पहले ही जहाज छोड़ने और किनारे पर आराम करने के लिए कहा गया था। वर्ष 2009 के मादक पदार्थ रोधी कानून के अनुसार, मादक पदार्थ के व्यापार से संबंधित आरोपों पर दोषसिद्धि के लिए अधिकतम सजा मृत्युदंड है।