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Sudan: सूडान हिंसा में एक भारतीय समेत 61 लोगों की गई जान, आरएसएफ ने 670 लोगों के घायल होने का किया दावा

Mon, 17 Apr 2023 03:00 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, खार्तूम

सार

इस घटना पर विदेश मंत्री एस जयशंकर का भी बयान आया है। उन्होंने कहा कि खार्तूम में मौजूदा स्थिति काफी चिंताजनक है और भारत इस पर निगरानी रख रहा है।
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सूडान सेना - फोटो : twitter
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विस्तार
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हिंसाग्रस्त सूडान की राजधानी खार्तूम में एक भारतीय समेत अब तक 61 लोगों की मौत हो गई है। रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) ने दावा किया है कि 670 लोग घायल हुए हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि खार्तूम में हालात बेहद चिंताजनक हैं और भारत स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। एक भारतीय की मौत पर जयशंकर ने कहा कि वे इसे लेकर काफी दुखी हैं और दूतावास परिवार को सारी मदद मुहैया कराने की कोशिश में है। खार्तूम में स्थित भारतीय दूतावास ने कहा है कि अल्बर्ट ऑगस्टाइन नाम का व्यक्ति जो सूडान में डल ग्रुप के साथ काम कर रहा था, उसकी गोली लगने से मौत हो गई।

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जयशंकर ने ट्वीट कर कहा, भारतीय दूतावास ने जानकारी दी है कि सूडान में डीएएल समूह कंपनी में काम करने वाले अल्बर्ट अगस्टीन शनिवार को गोली का शिकार हो गए। जयशंकर ने कहा कि वह भारतीय नागरिक की मौत से आहत हैं। भारतीय दूतावास आगे की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए पीड़ित परिवार और चिकित्सा विभाग के संपर्क में है। दरअसल, सूडान में तख्ता-पलट के बाद सेना अक्तूबर 2021 से ही सत्ता पर काबिज है। खार्तूम में सेना और अर्धसैनिक बल के बीच भीषण गोलीबारी और बम धमाके जारी हैं। शनिवार को भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों को सतर्कता बरतने के साथ अपने घरों में रहने की सलाह दी थी। सूडान में करीब 4,000 भारतीय हैं। 


हिंसा में जान गंवाने वाले केरल के व्यक्ति के परिवार को हरसंभव मदद मुहैया कराई जाएगी: केंद्र
केंद्र सरकार ने रविवार को कहा कि हिंसा प्रभावित सूडान की राजधानी खार्तूम में गोली लगने से जान गंवाने वाले भारतीय नागरिक के परिवार को हरसंभव मदद मुहैया कराई जाएगी। विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि केरल के कन्नूर जिला निवासी अल्बर्ट ऑगस्टाइन के परिवार को सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी और उनके शव को स्वदेश लाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

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केंद्रीय मंत्री ने मृतक के पिता से भी बात की

एक सरकारी बयान में कहा गया है कि मंत्री ने मृतक के पिता से भी बात की। मंत्री ने कहा कि ऑगस्टाइन की पत्नी और बेटी सुरक्षित हैं। वे सूडान में उनके साथ रह रही थीं। उन्होंने कहा कि सूडान में भारतीय दूतावास को आगे की प्रक्रिया में समन्वय करने का निर्देश दिया गया है। केरल में ऑगस्टाइन के परिजनों ने एक टीवी चैनल को बताया कि वह कनाडा में अपने बेटे से बात करते समय गोली लगने से घायल हो गए। जिस समय यह दुखद घटना हुई वह अपने घर के अंदर थे। ऑगस्टाइन सूडान में ‘डल ग्रुप कंपनी’ में काम करते थे।

इस बीच, केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रमुख के सुधाकरन ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर ऑगस्टाइन का शव भारत लाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए उनसे तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। खबरों के अनुसार, सूडान में अर्धसैनिक बल और सेना के बीच बढ़ते तनाव के कारण खार्तूम के विभिन्न क्षेत्रों में झड़पें हुई हैं।
 

भारतीय दूतावास ने नागरिकों के लिए जारी की एडवायजरी
इससे पहले सूडान स्थित भारतीय दूतावास ने शनिवार को ही भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने और घरों में रहने की सलाह दी। दूतावास ने ट्वीट कर भारतीयों से शांत रहने और अद्यतन जानकारी का इंतजार करने का भी आग्रह किया था।

खार्तूम में सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच टकराव
सेना और अर्धसैनिक बलों में तनाव के बीच शनिवार सुबह सूडान की राजधानी खार्तूम में लगातार गोलीबारी होने की आवाज सुनी गई। गोलीबारी की आवाज राजधानी के मध्य क्षेत्रों के अलावा पड़ोसी शहर बहरी में भी सुनाई दीं। ‘रैपिड सपोर्ट फोर्स’ (आरएसएफ) के रूप में पहचाने जाने वाले अर्धसैनिक बल और सेना के बीच तनाव हाल के महीनों में बढ़ गया है, जिसके चलते देश में लोकतंत्र बहाल करने के लिए राजनीतिक दलों के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थित समझौते पर हस्ताक्षर करने में देरी हो रही है।

शनिवार सुबह जारी एक बयान में आरएसएफ ने आरोप लगाया कि सेना ने दक्षिण खार्तूम स्थित बल के अड्डे पर हमला किया है। बयान में दावा किया गया है कि सेना ने हमले में हल्के एवं भारी हथियारों का इस्तेमाल किया।

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सूडान हिंसा: राष्ट्रपति भवन को कब्जे में लेने का अर्धसैनिक बल ने किया दावा, सेना ने खारिज किया

सूडान की सेना और अर्धसैनिक बल- रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) के बीच शनिवार को शुरू हुई जंग दूसरे दिन भी जारी रही। इस संघर्ष में अब तक 61 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 670 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। वहीं, आरएसएफ ने दावा किया है कि राष्ट्रपति भवन, सेना प्रमुख का निवास, राजकीय टीवी केंद्र, खार्तूम एयरपोर्ट के साथ ही मेरावी, अल फशर और पश्चिमी दारफूर उसके कब्जे में है।
 
जबकि, सेना प्रमुख जनरल अब्देल फतह अल बुरहान ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा, आरएसएफ के लोग जगह-जगह छिपकर हमले कर रहे हैं, सेना उन्हें समर्पण करने का मौका देती है, अगर समर्पण नहीं किया, तो आरएसएफ के आखिरी लोगों तक को खत्म करने तक सेना नहीं रुकेगी। वहीं, आरएसएफ के प्रमुख जनरल मोहम्मद हमदान डागलो ने कहा कि बुरहान एक झूठा और अपराधी व्यक्ति है, जिसकी बात किसी को नहीं सुननी चाहिए।

असल में इस संघर्ष के पीछे आरएसएफ का सेना में विलय का एक प्रस्ताव है, जिसे अंतरराष्ट्रीय समर्थन के बाद सूडान के राजनीतिक दलों ने मंजूरी दी थी। लेकिन, सेना की तरफ से इस समझौते पर हस्ताक्षर में देरी की जा रही थी। इसी प्रस्ताव पर मतभेदों की वजह से आरएसएफ और सेना के बीच महीने भर से तनाव जारी था। सूडान में लोकतंत्र बहाली के प्रयासों को इस हिंसक झड़प से बड़ा झटका लगा है। अमेरिका, सऊदी अरब और यूएई के विदेश मंत्रियों ने सूडान के हालात को लेकर आपात चर्चा की है। वहीं, भारत सहित तमाम देशों ने दोनों पक्षों से शांति स्थापना की अपील की है। 
सेना कर रही हवाई हमले, आरएसएफ की तरफ से तोपों का इस्तेमाल
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सेना जहां हवाई हमले कर रही है, आरएसएफ की तरफ से भी तोपों का इस्तेमाल किया जा रहा है। राधानी खार्तूम के अलावा न्याला, अल ओबीद, अल फशर और ओमदुरमान में भी संघर्ष जारी है। शनिवार को आरएसएफ ने आरोप लगाया था कि सेना ने दक्षिण खार्तूम स्थित बल के अड्डे पर हमला किया है। वहीं, सेना का दावा है कि आरएफएफ ने खार्तुम स्थिति उसके मुख्यालय पर हमला बोला था। फिलहाल, दोनों तरफ से टैंक और तोप जैसे भारी हथियार इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जिसकी वजह से राजधानी खार्तूम में भारी नुकसान हुआ है। सूडानी डॉक्टरों के संघ का दावा है कि हिंसा में 61 से ज्यादा नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 670 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।  
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