अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार की रेस में विवेक रामास्वामी लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। रिपब्लिकन राष्ट्रपति उम्मीदवार की दूसरी बहस में भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक विवेक रामास्वामी का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। उनकी नीतियों और प्रस्तावों के कारण लोग उन्हें सुनना पसंद कर रहे हैं। कठोर नीतिगत बदलावों के अपने प्रस्तावों को जारी रखते हुए दूसरी रिपब्लिकन बहस में उन्होंने कहा, अमेरिका में अवैध प्रवासियों के बच्चों के लिए जन्मजात नागरिकता को समाप्त कर देना चाहिए।
जन्मजात नागरिकता 2015 के प्रस्ताव का जिक्र
बहस के दौरान सवाल पूछा गया कि बिना दस्तावेज वाले अप्रवासियों और उनके अमेरिकी मूल के बच्चों को देश से बाहर निकालने के लिए वह किस कानूनी आधार का प्रयोग करेंगे। तो उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के जन्मजात नागरिकता समाप्त करने के 2015 के प्रस्ताव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह इस देश में अवैध अप्रवासियों के बच्चों के लिए जन्मजात नागरिकता को समाप्त करके एक कदम और आगे बढ़ेंगे।
एच-1बी वीजा कार्यक्रम में हो सुधार
इससे पहले विवेक स्वामी द्वारा एच-1बी वीजा कार्यक्रम की भी आलोचना की गई थी। उन्होंने कहा था कि वर्तमान लॉटरी प्रणाली को खत्म किया जाना चाहिए। साथ ही जरूरतों को पूरा करने के लिए योग्यतावादी कौशल आधारित आव्रजन योजना लागू की जानी चाहिए।
क्या है एच-1बी वीजा?
एच-1बी वीजा, जो भारतीय आईटी पेशेवरों के बीच काफी लोकप्रिय है, एक गैर-आप्रवासी वीजा है। जो अमेरिकी कंपनियों को विदेशी श्रमिकों को विशेष व्यवसायों में नियोजित करने की अनुमति देता है। जिनके लिए सैद्धांतिक या तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। गौरतलब है कि रामास्वामी ने खुद 29 बार एच-1बी वीजा प्रोग्राम का इस्तेमाल किया है।
2024 में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनने के लिए दूसरी रिपब्लिकन बहस बुधवार को कैलिफोर्निया के सिमी वैली में रोनाल्ड रीगन प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी एंड म्यूजियम में आयोजित की गई थी। इस दौरान फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस और पूर्व संयुक्त राष्ट्र राजदूत निक्की हेली सहित छह अन्य उम्मीदवारों के साथ मंच साझा करते हुए देखा गया।