आसियान में 10 सदस्य देश इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार और कंबोडिया हैं। आसियान और भारत ने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने को लेकर भी चर्चा की।
भारत अब आसियान देशों की यूपीआई भुगतान प्रणाली और आधार प्रक्रिया लागू करने में मदद करेगा। 21वें भारत-आसियान शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और आसियान देशों के बीच कई मुद्दों पर सहमति बनी। आसियान और भारत के संयुक्त बयान के मुताबिक शिखर सम्मेलन में शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, कृषि और जलवायु परिवर्तन में विविध चुनौतियों का समाधान करने पर भी दोनों पक्ष सहमत हुए।
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आसियान और भारत ने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने को लेकर भी चर्चा की। इस दौरान दोनों पक्षों ने क्षेत्र में शांति, स्थिरता, समुद्री सुरक्षा, नेविगेशन की स्वतंत्रता को बनाए रखने, निर्बाध वैध समुद्री वाणिज्य और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने भी अपने संयुक्त भाषण में कहा कि डिजिटल परिवर्तन और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए दो अहम समझौते हुए हैं। यह भविष्य में हमारे सहयोग के लिए आधार तैयार करेंगे। इसके अलावा भारत और आसियान राष्ट्र राष्ट्रीय एजेंसियों के बीच साझेदारी और डिजिटल वित्तीय समाधानों का समर्थन करने पर भी सहमत हुए।
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दोनों पक्षों ने कहा कि वह डिजिटल अर्थव्यवस्था को समर्थन देने के लिए साइबर सुरक्षा सहयोग का विस्तार करने का इरादा रखते हैं। दोनों पक्षों ने कहा कि जैसे-जैसे हम धीरे-धीरे डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं की ओर बढ़ रहे हैं। हम डिजिटल बुनियादी ढांचे और सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे। इसके अलावा दोनों पक्ष एआई प्रौद्योगिकियों और अनुप्रयोगों का जिम्मेदारी से लाभ उठाने के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल, बुनियादी ढांचे, जोखिम प्रबंधन ढांचे और नीतियों के विकास में सहयोग का समर्थन करने पर भी सहमत हुए।
इसके अलावा भारत और आसियान ने दक्षिण चीन सागर (डीओसी) में फिलीपींस और चीन के बीच चल रहे तनाव को दूर करने को लेकर भी चर्चा की। आसियान में 10 सदस्य देश इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार और कंबोडिया हैं।