अफगानिस्तान में मानवीय संकट के लिए पाक जिम्मेदार : एनजीओ
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में ‘गरीबी उन्मूलन और विकास के लिए संगठन’ नामक एक अंतरराष्ट्रीय एनजीओ ने अफगानिस्तान में मौजूदा मानवीय संकट के लिए पाकिस्तान को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया है। उसने अफगानिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति पर मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाचेलेट द्वारा पेश रिपोर्ट पर पाकिस्तान की तीखी निंदा की।
एनजीओ के प्रतिनिधि ने काबुल में तालिबान को सत्ता में आने में मदद करने के लिए पाकिस्तान की आलोचना की। बाचेलेट ने कहा, अफगानिस्तानी नागरिकों के लिए मानवाधिकार की स्थिति वाकई चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि तालिबान के कब्जे के बाद से इस देश में कम से कम 1,156 नागरिक मारे गए और अनगिनत घायल हुए हैं।
संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त ने कहा कि अफगानिस्तानियों को विनाशकारी मानवीय और आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें आधी आबादी अत्यधिक भूख से पीड़ित है। एनजीओ ने कहा, पाक ने जिस तरह तालिबान को सहयोग किया उसके दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं।
बांग्लादेश में नरसंहार के लिए पाक पर पाबंदी लगाए अमेरिका
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर ग्लोबल स्ट्रैट व्यू में एक लेख में तर्क दिया गया है कि अमेरिका को 1971 के पाकिस्तानी सेना द्वारा बांग्लादेशी नरसंहार और संगठित दुष्कर्म को मान्यता देनी चाहिए। लेख में कहा गया है कि पाकिस्तान पर घोर मानवाधिकार उल्लंघन के लिए प्रतिबंध भी लगाना चाहिए।
मानवाधिकार संगठन की कार्यकारी निदेशक प्रिया साहा ने कहा, बंगाली महिलाओं को इस दौरान पेड़ों से बांधकर सामूहिक दुष्कर्म किए गए, अंग काटे गए और उनकी हत्या कर सामूहिक कब्रों में फेंक दिया गया। लेख में कहा गया कि बांग्लादेश इसे कभी नहीं भूल सकता और इसके लिए अमेरिका कदम उठाए।