राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अल्जीरिया दौरा
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भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में अल्जीरिया पहुंची। जहां उन्होंने भारत और अल्जीरिया के बीच गहन आर्थिक सहयोग का आह्वान करते हुए बैठक में इस बात पर जोर दिया कि अफ्रीकी राष्ट्र की तीव्र वृद्धि और विस्तारित अर्थव्यवस्था विभिन्न क्षेत्रों में अनेक अवसर प्रदान करती है। राष्ट्रपति ने सोमवार को अल्जीरियाई-भारतीय आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए भारत के कारोबार में सुविधा के क्षेत्र में तेजी से उभरने और प्रभावशाली प्रगति पर जोर दिया तथा अल्जीरियाई कंपनियों को भारत की मेक इन इंडिया और मेक फॉर द वर्ल्ड पहलों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।
द्रौपदी मुर्मू का संबोधन
अल्जीरियाई आर्थिक नवीनीकरण परिषद और भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित कार्यक्रम में भारतीय राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत-अल्जीरिया संबंधों का आगे बढ़ना हमारे साझा मूल्यों, समान चुनौतियों और आपसी विश्वास पर आधारित है। उन्होंने कहा कि अल्जीरिया की तीव्र वृद्धि और विस्तारित अर्थव्यवस्था ने विभिन्न क्षेत्रों में अनेक अवसर प्रदान किए हैं। उन्होंने भारतीय कंपनियों से अल्जीरियाई अर्थव्यवस्था के दायरे में निवेश जारी रखने का आग्रह किया।
राष्ट्रपति ने अपने बचपन को किया याद
राष्ट्रपति मुर्मू ने मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान करने के समारोह को भी संबोधित किया, जहां उन्होंने ओडिशा के हृदयस्थल में बिताए अपने बचपन के बारे में बात की। उन्होंने कहा, "मेरा बचपन चुनौतियों और बाधाओं से भरा था। मैंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय प्राथमिक विद्यालय में की और फिर उच्च शिक्षा के लिए भुवनेश्वर चली गई। मुर्मू ने कहा कि उन्होंने भुवनेश्वर के रामादेवी महिला महाविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की और विश्वविद्यालय से स्नातक करने वाली अपने गांव की पहली महिला बनीं। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने से पहले उन्होंने क्लर्क और शिक्षिका के रूप में काम किया। मुर्मू ने कहा कि शिक्षा और सशक्तिकरण के प्रति उनका जुनून उनके जीवन की प्रेरक शक्ति रहा है।
भारत में महिलाओं के नेतृत्व का जिक्र
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अल्जीरिया में अपने संबोधन के दौरान कहा कि मैं अब आदिवासी समुदाय से आने वाली पहली व्यक्ति हूं और भारत गणराज्य के सर्वोच्च पद पर आसीन होने वाली सबसे कम उम्र की व्यक्ति भी हूं। भारत की तीव्र आर्थिक सुधार का एक प्रमुख स्तंभ प्रौद्योगिकी और महिलाओं के नेतृत्व वाली वृद्धि है। उन्होंने कहा कि भारत में हो रहे बड़े पैमाने पर डिजिटल परिवर्तन ने कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित किया है। मुर्मू ने कहा कि आईटी क्षेत्र में काम करने वाले 4.4 मिलियन पेशेवरों में से लगभग 36 प्रतिशत महिलाएं हैं।