ईयू, बेल्जियम और लक्जमबर्ग में राजदूत रहे
वरिष्ठ राजनयिक संतोष झा कोलंबो में कार्यभार संभालने से पहले यूरोपीय संघ (ईयू), बेल्जियम और लक्जमबर्ग में भारत के राजदूत रहे। उन्हें श्रीलंका और यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के लिए वार्ता टीमों के सदस्य के रूप में काम करने का अनुभव है।
नए उच्चायुक्त पर राष्ट्रपति ने क्या कहा
श्रीलंका के राष्ट्रपति के मीडिया डिवीजन की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति में जारी की गई। इसमें कहा गया, नए उच्चायुक्त के रूप में संतोष झा भारत और श्रीलंका के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए तैयार हैं और विभिन्न कार्यक्षेत्र में सहयोग और समन्वय को बढ़ावा देंगे।
झा ने अतिथि पुस्तिका में लिखी ये बात
नवनियुक्त भारतीय उच्चायुक्त ने राष्ट्रपति विक्रमसिंघे की अतिथि पुस्तिका में लिखा कि भारत और श्रीलंका के बीच इतिहास, भूगोल, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों में गहरे संबंध हैं। उन्होंने दशकों के राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा क्षेत्रों में संबंधों के विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने श्रीलंका के करीबी पड़ोसी, सबसे बड़े व्यापार भागीदार और एक प्रमुख विकास भागीदार के रूप में भारत की भूमिका पर जोर दिया।
गर्मजोशी से स्वागत के लिए जताया आभार
झा ने दोनों देशों के बीच मित्रता को मजबूत करने, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, संपर्क और अन्य क्षेत्रों में घनिष्ठ सहयोग को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने भरोसा जताया कि उनके सहयोग से साझा समृद्धि, प्रगति और क्षेत्रीय स्थिरता होगी। नए उच्चायुक्त ने गर्मजोशी से स्वागत के लिए राष्ट्रपति विक्रमसिंघे को धन्यवाद दिया और भविष्य में रचनात्मक बातचीत की उम्मीद जताई।
राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के साथ उच्चायुक्त संतोष झा।
- फोटो : भारतीय उच्चायोग, कोलंबो
वॉशिंगटन डीसी में ये जिम्मेदारी संभाल चुके झा
इस मौके पर स्वास्थ्य एवं उद्योग मंत्री डॉ.रमेश पथिराना और राष्ट्रपति के सचिव समन एकनायके भी मौजूद थे। झा इससे पहले 2019-2020 तक उज्बेकिस्तान में भारत के राजदूत और 2017-2019 तक वॉशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास में मिशन के उप प्रमुख के रूप में कार्य कर चुके हैं।
विदेश मंत्रालय में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे
उन्होंने नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। इनमें मानव संसाधन और प्रबंधन मामलों के प्रभाग, पश्चिमी यूरोप और यूरोपीय संघ के साथ संबंधों के लिए प्रभाग और नीति नियोजन प्रभाग के प्रमुख शामिल हैं। उन्होंने 2007-2010 तक कोलंबो में उच्चायोग में काउंसलर के रूप में भी कार्य किया और वाणिज्यिक और आर्थिक मामलों से जुड़ा काम संभाला।