संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दे को फिर से उठाने के लिए भारत ने एक बार फिर से पाकिस्तान को लताड़ लगाई है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र की छठी समिति में कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद फैलाने का सबसे बड़ा अपराधी और समर्थक है, जो इसका शिकार होने का ढोंग कर रहा है। सेशन के दौरान काउंसलर/कानूनी सलाहकार डॉ. काजल भट्ट ने कहा कि पाकिस्तान ने एक बार फिर इस सम्मानजनक मंच का दुरुपयोग अपने झूठ फैलाने के लिए कर रहा है। डॉ काजल भट ने इस मौके पर कहा कि सभी सदस्य देशों को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी उपकरणों और सम्मेलनों में निहित अपने दायित्वों को पूरा करना चाहिए। भारत की यह कड़ी प्रतिक्रिया पाकिस्तान के संयुक्त राष्ट्र के दूत मुनीर अकरम द्वारा छठी समिति की बैठक में फिर से कश्मीर के मुद्दे को उठाने और अपनी टिप्पणी में भारत के खिलाफ निराधार आरोप लगाने के बाद आई है।
जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा है और रहेगा: डॉ. भट्ट
डॉ. काजल भट्ट ने पाकिस्तान के संयुक्त राष्ट्र के दूत मुनीर अकरम द्वारा छठी समिति की बैठक में फिर से कश्मीर के मुद्दे को उठाने पर जवाब देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा है और रहेगा। अगर आप आतंकवाद के जरिए यहां अशांति फैलाने की कोशिश करेंगे तो हमारी सेना आपको जवाब देने के लिए सक्षम है। भट्ट ने कहा कि हम पाकिस्तान से उनके देश में हिंदुओं, ईसाइयों, सिखों, बौद्धों सहित अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचार को खत्म करने का आह्वान करते हैं।
आतंकवाद विश्व स्तर पर जारी: डॉ. काजल
भट्ट ने कहा कि आतंकवाद विश्व स्तर पर जारी है, नए क्षेत्रों में फैल रहा है, आतंकवादियों ने अपने उद्देश्यों को आगे बढ़ाने और अपने बुरे कृत्यों को पूरा करने के लिए ड्रोन, आभासी मुद्राओं और एन्क्रिप्टेड संचार जैसी नई और उभरती प्रौद्योगिकियों तक पहुंच प्राप्त करके अपनी क्षमताओं में काफी वृद्धि की है।
आतंकवाद पर कंट्रोल करने के लिए सीसीआईटी का संचालन: डॉ. काजल भट्ट
संयुक्त राष्ट्र महासभा की छठी समिति (कानूनी) की बैठक में उन्होंने कहा कि भारत ने आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए एक व्यापक कानूनी ढांचा प्रदान करने के लिए सीसीआईटी के मसौदे का संचालन किया। हमारा दृढ़ विश्वास है कि संयुक्त राष्ट्र को इस दिशा में और अधिक करने की जरूरत है।
सीमा पार आतंकवाद से भारत काफी प्रभावित हुआ: तिरुमूर्ति
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने पाक का परोक्ष जिक्र करते हुए कहा कि भारत सीमा पार से तस्करी किए गए अवैध हथियारों का उपयोग करने वाले आतंकी गुटों से कई दशकों से प्रभावित है। उन्होंने विश्व बिरादरी से ऐसे आतंकी गुटों को बढ़ावा देने वालों की निंदा करने की अपील की। उन्होंने ‘छोटे व हल्के हथियारों’ पर सुरक्षा परिषद की एक बैठक में सभी का ध्यान आकर्षित किया।
तिरुमूर्ति ने कहा, इन हथियारों का आतंकवादियों के हाथ में होना अधिक भयावह एवं घातक है, जो इनका इस्तेमाल महिलाओं, बच्चों व निर्दोष लोगों को निशाना बनाने के लिए करते हैं। कई दशकों से मेरा देश, सीमा पार आतंकवाद एवं हिंसा से प्रभावित है। अब ड्रोन द्वारा भी हथियारों की तस्करी हो रही है। तिरुमूर्ति ने कहा, इन आतंकवादी संगठनों द्वारा हासिल किए गए हथियारों की मात्रा एवं गुणवत्ता में वृद्धि बार-बार इस बात पर इशारा करती है कि वे किसी देश की मदद या समर्थन के बिना उन्हें हासिल नहीं कर सकते।
पाक को नहीं दी जानी चाहिए और मदद : पूर्व अमेरिकी एनएसए
अमेरिका के पूर्व एनएसए जनरल एचआर मैकमास्टर ने कहा है कि पाक ने लंबे समय से दोनों हाथ में लड्डू ले रखा है। उन्होंने सांसदों को सलाह दी है कि अब इस्लामाबाद को किसी तरह की नई मदद नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने अफगानिस्तान पर अमेरिकी संसद की समिति में गवाही देते हुए कहा, हमें चाहिए कि काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद पाक पीएम को उनकी टिप्पणियों के लिए जिम्मेदार ठहराएं। मैकमास्टर ने कहा, मुझे नहीं लगता कि हमें पाकिस्तान को बिल्कुल भी सहायता देनी चाहिए। मुझे लगता है कि पाकिस्तान ने हर तरह से बहुत लंबे समय तक लाभ लिया है।