भारत ने यूक्रेन के मुद्दे पर रूस के साथ मतभेदों की खबरों को बुधवार को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है। जिसके कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मॉस्को की दो दिवसीय यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल स्तर की बड़ी बैठक रद्द कर दी गई। ऑस्ट्रिया के विएना में मीडिया ब्रीफिंग में एस सवाल पूछे जाने पर इस पर विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा, जहां तक मेरी जानकारी है, प्रधानमंत्री की मॉस्को यात्रा के दौरान किसी विशेष कार्यक्रम को रद्द नहीं किया गया है।
प्रधानमंत्री की मॉस्को यात्रा बेहद सफल रही- विनय क्वात्रा
विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा, मुझे वास्तव में यह आश्चर्यजनक लगता है, लेकिन इस तथ्यात्मक रूप से गलत, काफी भ्रामक (रिपोर्ट) में कोई तथ्य नहीं है। वास्तव में, प्रधानमंत्री की मॉस्को यात्रा बेहद सफल रही। उन्होंने आगे बताया कि वास्तव में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच चर्चा दोनों पक्षों की तरफ से तय किए समय से कहीं देर समय तक चली है। उन्होंने कहा, कि इस दौरान और किसी भी तरह के कार्यक्रम को रद्द नहीं किया गया।
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दोनों राष्ट्रध्यक्षों ने बैठक के मुद्दे को गुप्त रखने का किया फैसला'
इससे पहले, रूस की सरकारी समाचार एजेंसी TASS ने क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव के हवाले से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मॉस्को में मंगलवार को हुई अपनी बैठक में सभी मुद्दों को गुप्त रखने का फैसला किया, जिसमें बड़े ब्रेकआउट सत्र की आवश्यकता के बिना सभी विषयों को उत्पादक रूप से कवर किया गया।
प्रतिनिधिमंडल की बैठक पर क्रेमलिन का बयान
जब उनसे पूछा गया कि दोनों नेताओं के बीच वार्ता के बाद बड़े प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठक क्यों नहीं हुई, तो पेसकोव ने बताया कि ऐसा कुछ समस्याओं के कारण नहीं हुआ, बल्कि राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच तीन घंटे से अधिक समय तक चली बातचीत में लगभग सभी प्रमुख सहयोग के क्षेत्रों के प्रभारी अधिकारियों ने हिस्सा लिया।