संयुक्त राष्ट्र महासभा में सामाजिक, मानवीय और सांस्कृतिक मुद्दों पर बनी एक कमेटी की बैठक के दौरान पाकिस्तान ने जैसे ही जम्मू-कश्मीर के मुद्दे का जिक्र किया, भारतीय अफसर ने उन्हें कड़ी फटकार लगा दी।
संयुक्त राष्ट्र के मंच का गलत इस्तेमाल करने के लिए भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान पर हमला बोला है। भारत ने कहा है कि पाकिस्तान यूएन के मंच से हर बार उसके खिलाफ झूठा और दुष्प्रचार से भरा प्रोपेगंडा फैलाता है। पाकिस्तान ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र में चीन का समर्थन करते हुए शिनजियांग में उइगर मुस्लिमों के साथ हो रहे बर्ताव को नजरअंदाज कर दिया था।
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संयुक्त राष्ट्र महासभा में सामाजिक, मानवीय और सांस्कृतिक मुद्दों पर बनी एक कमेटी की बैठक के दौरान पाकिस्तान ने जैसे ही जम्मू-कश्मीर के मुद्दे का जिक्र किया, भारतीय अफसर ने उन्हें कड़ी फटकार लगा दी। यूएन में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव आशीष शर्मा ने कहा, "हम हम पाकिस्तान की ओर से यूएन के मंच के दुरुपयोग और इस तरह नियमों के उल्लंघन की कड़ी निंदा करते हैं। भारत एक बहु-धार्मिक, बहु-जातीय और बहुभाषी देश है और यह लोकतंत्र, बहुवाद और कानून से चलने वाला देश है।"
उन्होंने कहा कि भारत में अल्पसंख्यकों को उनके मूल अधिकार संविधान के तहत ही मिले हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में भी भारत सरकार ने सभी प्रगतिशील कानूनों को आगे बढ़ाया है, ताकि इस केंद्र शासित प्रदेश का सामाजिक-आर्थिक विकास भी जारी रखा जा सके।
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शर्मा ने कहा, "यहां रहने वाले लोगों को अब ज्यादा स्वतंत्रता और मूल अधिकार मिले हैं। खासकर महिलाओं को। हम इस तरह के विकास कार्यों के राजनीतिकरण पर सख्त आपत्ति जताते हैं।"
इससे पहले पाकिस्तान के डेलिगेशन की तरफ से जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया गया। यूएन में पाकिस्तान के अफसर ने चीन का समर्थन करते हुए कहा कि हम चीन के समावेशी विकास, सामाजिक सुरक्षा, समान व्यवहार और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के मॉडल का समर्थन करते हैं। गौरतलब है कि यूएन की तीसरी कमेटी की बैठक में ही 43 देशों की सरकारों ने शिनजियांग में रहने वाले उइगर मुस्लिमों के साथ हो रहे बर्ताव के लिए चीन की निंदा की थी।