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आतंक के खिलाफ मित्र-शक्ति: भारत और श्रीलंका की सेनाओं ने शुरु किया सैन्य अभ्यास , देश के 120 जवान शामिल

Mon, 04 Oct 2021 02:38 PM IST
सुभाष कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो

सार

इस अभ्यास से दक्षिण एशिया में दोनों देशों के संबंधों में मजबूती बढ़ेगी और आतंक के खिलाफ सेनाओं में एकजुटता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
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भारत और श्रीलंका की सेनाओं ने शुरु किया मित्र-शक्ति युद्धाभ्यास। - फोटो : PIB
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विस्तार
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भारत और श्रीलंका की सेनाओं के बीच होने वाले वाले सैन्य अभ्यास मित्र-शक्ति का आज आगाज हो गया है। आतंकवाद को काउंटर करने, दोनों देशों की सेनाओं के बीच समन्वय बढ़ाने, नए तरीकों के आदान प्रदान के लिए यह 12 दिनों का सैन्य अभ्यास शुरू किया गया है। यह अभ्यास श्रीलंका के पूर्व में स्थित शहर अंपारा के काम्बैट ट्रेनिंग स्कूल में किया जा रहा है। यह अभ्यास 4 अक्तूबर से लेकर 15 अक्तूबर तक होगा।

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हर साल होता है मित्र शक्ति अभ्यास
इस अभ्यास का आयोजन हर साल किया जाता है और यह इसका आंठवा संस्करण है।मित्र-शक्ति अभ्यास में भारतीय सेना के 120 जवान शामिल हो रहे हैं। भारत की सेना का नेतृत्व कर्नल प्रकाश कुमार कुमार कर रहें हैं। इसका मकसद देश के भीतर होने वाले आतंकवाद के खतरे से निबटना और  एक-दूसरे के सैन्य अनुभवों को साझा करना है। अंपारा में अभ्यास करने भारत के जवान भारतीय वायुसेना के विमान से शनिवार को पहुंचे थे। 

दोनों देशों की सेनाएं इसमें आपसी में समन्वय, आतंक के खिलाफ एक दुसरे की क्षमताओं को सीखती और बढ़ाती है। इसका आयोजन भारत और श्रीलंका दोनों देशों में होता है। इसके सातवें संस्करण का आयोजन साल 2019 में पुणे में किया गया था। कोरोना महामारी के कारण इस बार इसमें देरी हुई है। इस अभ्यास पर भारत के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि मित्र-शक्ति अभ्यास का मकसद दोनों देशों और उसकी सेनाओं के बीच आपसी संबंधों को बढ़ावा देना, और आतंक के खिलाफ नवीन तकनीकों और तौर तरीकों का आदान प्रदान करना है। भारत के सभी 120 जवान श्रीलंका के जवानों के साथ मॉक ड्रील में शामिल होंगे। 
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श्रीलंका में 2019 में हुए थे बम विस्फोट
इस अभ्यास से दक्षिण एशिया में दोनों देशों के संबंधों में मजबूती बढ़ेगी और आतंक के खिलाफ सेनाओं में भी एकजुटता बढ़ाने में मदद मिलेगी। बता दें कि श्रीलंका में साल 2019 में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे, जिनमें 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही भारत-श्रीलंका आतंक के खिलाफ आपसी सहयोग को बढ़ावा दे रहे हैं।

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