सार
Pakistan: रावलपिंडी पुलिस ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में 49 वर्षीय बुशरा बीबी के खिलाफ दर्ज किए गए मामलों का विस्तृत विवरण पेश किया है। उधर, इमरान खान में अदालत से खुद पर दर्ज 12 मामलों में जमानत की मांग की है।
इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी
- फोटो : एएनआई
पाकिस्तान के पूर्व इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी के खिलाफ 11 मामले दर्ज किए गए हैं। इसमें बीते वर्ष नौ मई को हुए सैन्य मुख्यालय पर हुए हमला भी शामिल है। रावलपिंडी जिला पुलिस ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय को मंगलवार को यह जानकारी दी। रावलपिंडी पुलिस ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में 49 वर्षीय बुशरा बीबी के खिलाफ दर्ज किए गए मामलों का विस्तृत विवरण पेश किया है। आपको बता दें कि बुशरा बीबी को उनके पति इमरान खान के साथ अदियाला जेल में कैद किया गया है।
उच्च न्यायालय ने अधिकारियों को दिए थे ये निर्देश
इस मामले में उच्च न्यायालय ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि बुशरा बीबी के खिलाफ दर्ज मामलों का विवरण पेश किया जाए। सुनवाई के दौरान पाकिस्तान के राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) की अभियोजक ने अदालत के आदेश के अनुसार विवरण पेश किया। इस दौरान एनएबी ने अदालत को बताया कि बुशरा बीबी के खिलाफ तीन मामले रावलपिंडी में दर्ज किए गए हैं और एक मामला लाहौर में दर्ज किया गया है। अदालत में रावलपिंडी, इस्लामाबाद पुलिस और एनएबी ने अपने जवाब दाखिल किए लेकिन, संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) और बलूचिस्तान पुलिस ने अभी बुशरा बीबी के खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी नहीं दी। इस मामले में उच्च न्यायालय ने एफआईए और बलूचिस्तान पुलिस को निर्देश दिया है कि अगले सप्ताह सोमवार को अपनी रिपोर्ट पेश करें।
इमरान खान ने अदालत से की ये मांग
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने आतंकवाद रोधी अदालत का रुख किया है। इमरान ने अदालत से मांग की है कि बीते वर्ष नौ मई को हुए दंगों को लेकर उन पर दर्ज किए गए 12 मामलों में उन्हें जमानत दी जाए। अदालत में इमरान खान की तरफ से उनकी कानूनी टीम के प्रमुख वकील सलमान सफदर की ओर याचिका दायर की गई। आपको बता दें कि इमरान खान फिलहाल सभी मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं। उन्होंने अदालत से दरख्वास्त की है कि उन पर लगाए गए सभी मामले फर्जी हैं और ये सभी मामले राजनीतिक षडयंत्र के तहत दर्ज किए गए हैं। इमरान खान ने अदालत से इन सभी मामलों में जमानत की मांग की की है।
इमरान को लाहौर उच्च न्यायालय से मिल चुकी है राहत
हाल ही में लाहौर उच्च न्यायालय ने नौ मई, 2023 को हुए दंगों के मामले में इमरान खान को बड़ी राहत दी थी। अदालत ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि इन दंगों में इमरान खान मौजूद नहीं थे। उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति तारिक सलीम और न्यायमूर्ति अनवारुल हक की पीठ ने आतंकवाद रोधी अदालत के फैसले को खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा था कि नौ मई को हुए दंगों में इमरान खान उपस्थित नहीं थे। हालांकि, अदालत ने यह भी कहा था कि इन मामलों में इमरान खान की न्यायिक हिरासत जारी रहेगी।