पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को फोन करके फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों को कश्मीर के हालात पर चर्चा की। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि खान ने मैक्रों से कहा कि भारत द्वारा की गई कार्रवाई से क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ है।
मैक्रों ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि भारत और पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दे को द्विपक्षीय स्तर पर सुलझाना चाहिये और किसी भी तीसरे पक्ष को क्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए या हिंसा नहीं भड़कानी चाहिए। मैक्रों ने पिछले सप्ताह बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत के बाद एक संयुक्त प्रेस बयान में कहा था, 'मैं कुछ दिन बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से भी बात करूंगा और उनसे कहूंगा कि बातचीत द्विपक्षीय स्तर पर होनी चाहिये।'
बयान के अनुसार मैक्रों ने बुधवार को खान से कहा कि सभी मुद्दे शांतिपूर्ण तरीके से हल किये जाने चाहिये। इसके अलावा खान ने जॉर्डन के नरेश अब्दुल्ला को फोन करके कश्मीर के हालात पर चर्चा की। किंग अबुल्ला ने तनाव कम करने और बातचीत के जरिये कश्मीर मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया।
इस बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को एक और पत्र लिखकर कश्मीर के ताजा घटनाक्रम से अवगत कराया। बुधवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान अगले महीने यूएन महासभा में अपने संबोधन के दौरान अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष कश्मीर मुद्दे को उठाएंगे।
कुरैशी ने पत्रकारों से कहा कि, प्रधानमंत्री इमरान खान संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के अलावा न्यूयार्क में द्विपक्षीय बैठकें करने के साथ ही अन्य कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे।
मालूम हो कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा था कि वह संयुक्त राष्ट्र महासभा समेत हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर कश्मीर मुद्दा उठाएंगे। कुरैशी ने दावा किया कि भारत ने शिमला समझौते का उल्लंघन किया है और कश्मीर में एकतरफा कार्रवाई कर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का पूरी तरह से उल्लंघन किया है।