पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान
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इमरान खान जमानत निलंबित होने के फैसले से राहत पाने के लिए इस्लामाबद हाईकोर्ट पहुंचे हैं। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को मिली अंतरिम जमानत निलंबित होने की खबर के अनुसार इमरान खान तोशाखाना केस और 19.09 अरब भारतीय रुपये से अधिक (190 मिलियन पाउंड) के मामले में कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। मंगलवार को जमानत निलंबित होने के बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रमुख इमरान खान ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की अकाउंटेबिलिटी कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को मिली अस्थायी जमानत निरस्त करने का फैसला लिया। कोर्ट का फैसला उस समय आया जब इमरान खान विगत 10 अगस्त को कोर्ट के समक्ष पेश होने में विफल रहे।
पांच अगस्त से जेल में बंद हैं इमरान खान
तोशाखाना केस में दोषी करार दिए गए इमरान खान को पांच अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। पांच अगस्त से ही सलाखों के पीछे कैद इमरान खान को इससे पहले इस्लाामाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा था जब कोर्ट ने दोषी करार दिए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली अपील खारिज कर दी थी।
पाकिस्तान की एआरवाई न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक इस्लामाबाद हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने इमरान खान की याचिका खारिज की थी। इस खंडपीठ में चीफ जस्टिस आमिर फारुक और जस्टिस तारिक महमूद जहांगिरी शामिल थे।
इस्लामाबाद हाईकोर्ट के संक्षिप्त आदेश के अनुसार खंडपीठ ने आदेश में पीटीआई चीफ इमरान खान को अटौक जेल से रिहा करने का निर्देश दिया था। अदालत ने कहा था कि इमरान खान को सुनाई गई सजा को निलंबित करने के कारणों और नियमों की व्याख्या बाद में की जाएगी।
अस्थायी बेल पर रिहा करने का फरमान
गौरतलब है कि इमरान खान ने तोशाखाना केस में अकाउंटेबिलिटी कोर्ट के फैसले को निरस्त करने की अपील की थी। हालांकि, अदालत ने ऐसा करने से इनकार करते हुए उन्हें अस्थायी बेल पर रिहा करने का फरमान सुनाया था। सजा से मिली अस्थायी राहत के बावजूद इमरान खान फिलहाल अदियाला जेल में बंद हैं।
इमरान पर एटीसी जज अब्दुल हास्सन की सख्ती
तोशाखाना मामले से पहले तीन मौकों पर कोर्ट में पेश होने में असफल रहे इमरान खान को इस्लामाबाद की एंटी टेररिज्म कोर्ट (एटीसी) से भी झटका लगा था। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान के कोर्ट में पेश होने में नाकाम रहने पर एटीसी जज अब्दुल हास्सन ने रिजर्व फैसले जारी किए थे। तीन मौकों पर जारी फैसले में एटीसी कोर्ट ने इमरान को जमानत देने से इनकार कर दिया था।