पिछले साल भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका काफी गहरा आर्थिक संकट झेला है हालांकि अब देश की स्थिति सामान्य हो रही है। लेकिन सरकार ने कर्ज में डूबे श्रीलंका की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए करों में वृद्धि की है। इसको लेकर श्रीलंका को आईएमएफ का साथ मिला है। आईएमएफ ने श्रीलंका के कर सुधारों का समर्थन करते हुए कहा कि नकदी संकट से जूझ रहे देश के लिए यह जरूरी है।
आईएमएफ द्वारा मांग पर कर वृद्धि की शुरुआत की
राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे, जो देश के वित्त मंत्री भी हैं उन्होंने पिछले साल वैट (मूल्य वर्धित कर) को बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने के बाद जनवरी में कॉर्पोरेट करों को 24 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया। श्रीलंका सरकार ने जनवरी से प्रभावी रूप से आईएमएफ द्वारा मांग पर कर वृद्धि की शुरुआत की।
वहीं आईएमएफ ने कहा कि श्रीलंका दुनिया में सबसे कम राजकोषीय राजस्व एकत्र करने वाले देशों में से है, 2021 में जीडीपी अनुपात में कर राजस्व का अनुपात केवल 7.3 प्रतिशत है। बाहरी लेनदार इस अंतर को भरने के लिए वित्तपोषण प्रदान करने को तैयार नहीं हैं। यह बयान तब आया जब ट्रेड यूनियन कर सुधारों का विरोध करने के लिए लंबी औद्योगिक कार्रवाई करने के लिए तैयार हो रहे हैं।
40 ट्रेड यूनियन ने देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी थी
श्रीलंका की करीब 40 ट्रेड यूनियन ने बुधवार को देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी थी। यूनियनों की तरफ से कहा गया था कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई, तो एक मार्च से देशव्यापी हड़ताल की जाएगी। बंदरगाह, बिजली, पानी, और दूरसंचार जैसे क्षेत्रों से ट्रेड यूनियनों की चेतावनी तब आई जब उन्होंने कर वृद्धि के कारण व्यवसायों को होने वाली समस्याओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
आईएमएफ ने कहा कि वे इस समय श्रीलंका के लोगों की कठिनाइयों को समझते हैं। साथ ही कहा कि जीवन की लागत में वृद्धि, रोजगार और आजीविका की हानि, और वास्तविक आय में गिरावट ने आबादी के बड़े हिस्से को प्रभावित किया है, और विशेष रूप से गरीब और कमजोर लोगों के पास इन कठिनाइयों का सामना करने के लिए कोई बफर नहीं है।
कर से होगा फायदा
आईएमएफ ने जोर देकर कहा कि कर सुधारों की आवश्यकता केवल उचित कर प्राप्तियों के साथ सरकार आवश्यक व्यय को निधि देने में सक्षम होगी, और गंभीर रूप से महत्वपूर्ण परिव्यय को कम करने से बचाएगी। बयान में कहा गया है कि ये सुधार लेनदारों के विश्वास को फिर से हासिल करने में मदद करेंगे। राज्य के वित्त मंत्री रंजीत सियामबलापितिया ने गुरुवार को कहा कि मौजूदा आर्थिक संकट में सरकार द्वारा किए गए उपायों के कारण रुपये में मजबूती आई है।