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Sri Lanka: मानवाधिकार आयोग ने पीएम को लिखा पत्र, कहा- गोतबाया राजपक्षे को देश वापसी पर पर्याप्त सुरक्षा दें

Tue, 23 Aug 2022 05:59 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो

सार

श्रीलंका के मानवाधिकार आयोग (HRCSL) ने कहा कि उसे कई शिकायतें मिली हैं जिसमें आरोप लगाया गया है कि पूर्व राष्ट्रपति गोतबाया ने धमकी और जबरदस्ती के तहत अपना इस्तीफा दे दिया था। इतना ही नहीं, सरकार इस अवधि के दौरान उन्हें पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने में विफल रही थी। 
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रानिल विक्रमसिंघे
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विस्तार
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श्रीलंका की शीर्ष मानवाधिकार संस्था ने राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से अनुरोध किया है कि वह पूर्व राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के परिवार को संविधान के मुताबिक पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराएं। साथ ही वे पूर्व राष्ट्रपति की वापसी में मदद करें। श्रीलंका के मानवाधिकार आयोग ने इस बाबत राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को सोमवार को एक पत्र लिखा। 

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मानवाधिकार आयोग ने राष्ट्रपति विक्रमसिंघे से किया आग्रह
इस पत्र में मानवाधिकार आयोग (HRCSL) ने कहा कि उसे कई शिकायतें मिली हैं जिसमें आरोप लगाया गया है कि पूर्व राष्ट्रपति गोतबाया ने धमकी और जबरदस्ती के तहत अपना इस्तीफा दे दिया था। इतना ही नहीं, सरकार इस अवधि के दौरान उन्हें पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने में विफल रही थी। पत्र में आगे कहा गया है कि अब जबकि पूर्व राष्ट्रपति गोतबाया अपने परिवार समेत देश में वापस लौटना चाहते हैं, तो वे यहां अपने लिए खतरों को देखते हुए वापस नहीं लौट सकते। मानवाधिकार आयोग (HRCSL)ने पत्र में कहा कि यह प्रत्येक नागरिक के लिए संविधान के तहत मिले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।

एचआरसीएसएल ने पत्र में संविधान के अनुच्छेद 14 (1) (i) का भी हवाला दिया। श्रीलंकाई संविधान के इस अनुच्छेद के मुताबिक, "हर नागरिक श्रीलंका लौटने की स्वतंत्रता का हकदार है।" एचआरसीएसएल ने पत्र में कहा कि यह अनुशंसा की जाती है कि श्रीलंका सरकार खतरे की स्थिति का आकलन करने के लिए जरूरी सभी आवश्यक कदम उठाए और पूर्व राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे को देश लौटने पर कानून के तहत प्रदान की गई सुरक्षा सुरक्षा प्रदान करे। 
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बुधवार को वापस देश लौट सकते हैं गोतबाया 
हालांकि, अभी इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है कि पूर्व राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे बुधवार को वापस देश लौटेंगे या नहीं। इससे पहले उनके चचेरे भाई उदयंग वीरातुंगा ने पिछले हफ्ते उनके बुधवार को वापस लौटने की भविष्यवाणी की थी। डेली मिरर ने राजपक्षे के करीबी रूस में श्रीलंका के पूर्व राजदूत उदयंगा वीरातुंगा के हवाले से यह खबर दी थी। उन्होंने संकेत दिया कि राजपक्षे 24 अगस्त को स्वदेश लौट सकते हैं।

एसजेबी ने लगाया था आरोप
पिछले हफ्ते, मुख्य विपक्षी दल समागी जाना बालवेगया (एसजेबी) ने कहा था कि राजपक्षे को देश लौटने का अधिकार है, लेकिन धन के दुरुपयोग के आरोपों के लिए उन पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। एसजेबी ने राजपक्षे सरकार पर भारत द्वारा प्रदान की गई 1 बिलियन अमरीकी डालर की ऋण सुविधा का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। 

बैंकॉक में हैं पूर्व राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे
गौरतलब है कि गोतबाया राजपक्षे पिछले महीने मालदीव भाग गए थे और उसके बाद वहां से सिंगापुर भाग गए। उन्होंने मेडिकल वीजा पर सिंगापुर में प्रवेश किया और वहां रहने के लिए इसे दो बार बढ़ाया गया। चूंकि इसके बाद उनके वीजा आगे नहीं बढ़ाया जा सका इसलिए राजपक्षे और उनकी पत्नी थाईलैंड के लिए रवाना हुए। थाई सरकार ने उन्हें आश्वासन दिया था कि वे वहां 90 दिनों तक रह सकते हैं। फिलहाल, पूर्व राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे अपनी पत्नी लोमा राजपक्षे के साथ बैंकॉक के एक होटल में ठहरे हुए हैं।

गोतबाया ने अमेरिका में ग्रीन कार्ड के लिए किया आवेदन
श्रीलंका को भीषण आर्थिक संकट में छोड़कर पिछले माह भाग निकले पूर्व राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे (73) अब अमेरिका में बसने जा रहे हैं। उन्होंने ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर दिया है। श्रीलंका के अखबार डेली मिरर ने उच्च स्तरीय सूत्रों का हवाला देते हुए कहा, गोतबाया की पत्नी लोमा राजपक्षे अमेरिकी नागरिक हैं। राजपक्षे ने वर्ष 2019 में श्रीलंका में राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने के लिए अमेरिका की नागरिकता छोड़ दी थी। अमेरिका में राजपक्षे के वकीलों ने पिछले माह ग्रीन कार्ड के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी थी। राजपक्षे ने श्रीलंका की सेना से समय पूर्व सेवानिवृत्ति ली थी।

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