रक्षामंत्री राजनाथ सिंह एससीओ की रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ने उज्बेकिस्तान के रक्षामंत्री लेफ्टिनेंट जनरल बखोदिर कुर्बानोव के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह एससीओ की रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ने उज्बेकिस्तान के रक्षामंत्री लेफ्टिनेंट जनरल बखोदिर कुर्बानोव के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की।
विज्ञापन
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "ताशकंद में उज्बेकिस्तान के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल बखोदिर कुर्बानोव के साथ एक उत्कृष्ठ बैठक हुई। अपनी बातचीत के दौरान हमने भारत-उज्बेकिस्तान रक्षा संबंधों की समीक्षा की। हमारा सहयोग एक ठोस नींव पर आधारित है और आने वाले दशकों में यह बढ़ेगा।"
वार्षिक शिखर सम्मेलन से लगभग तीन सप्ताह पहले एससीओ की रक्षा मंत्रिस्तरीय बैठक हो रही है। शिखर सम्मेलन 15 और 16 सितंबर को समरकंद में होने वाला है। रक्षा मंत्रियों की बैठक में यूक्रेन और अफगानिस्तान की स्थिति सहित क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है। बता दें कि रक्षा मंत्री के 24 अगस्त की शाम या 25 अगस्त को लौटने की उम्मीद है।
विज्ञापन
अगले महीने होगा शिखर सम्मेलन
गौरतलब है कि एससीओ शिखर सम्मेलन 15-16 सितंबर को होने जा रहा है। इसमें भारत, रूस, चीन, पाकिस्तान, कजाखस्तान, उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान और किर्गिजस्तान सहित कुल 8 सदस्य देशों के शासनाध्यक्ष हिस्सा ले रहे हैं। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ की मुलाकात संभव है। बैठक के दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्री एक छत के नीचे दो दिन का समय बिताएंगे।
उज्बेकिस्तान में आठ साल से जमी बर्फ पिघलने की उम्मीद
उज्बेकिस्तान के समरकंद में अगले महीने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में भारत और पाकिस्तान के रिश्तों पर आठ साल से जमी बर्फ पिघलाने का प्रयास शुरू हो सकता है। इस बैठक में दोनों प्रधानमंत्रियों नरेंद्र मोदी और शहबाज शरीफ की मुलाकात की संभावना है। छह साल बाद दोनों देशों के प्रधानमंत्री एक छत के नीचे दो दिन बिताएंगे।