'द न्यूज इंटरनेशनल' ने संरक्षण एवं परिरक्षण निदेशक सैयद शाकिर शाह के हवाले से बताया कि मजदूर एक ढही हुई दीवार की खुदाई कर रहे थे, जब उन्हें गुरुवार को प्राचीन तांबे के सिक्कों से भरा एक बर्तन मिला। बर्तन में सावधानी पूर्वक पैक किए गए सिक्कों को विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
उन्होंने कहा, 'इन सिक्कों पर अंकित भाषा और संख्याओं की व्याख्या और विश्लेषण करने के लिए इन पर अनुसंधान किया जाएगा कि ये सिक्के कितने पुराने थे। सटीक समय अवधि और अन्य प्रासंगिक विवरणों की पुष्टि केवल प्रयोगशाला विश्लेषण के बाद ही की जा सकती है।'
1980 में यूनेस्को की उत्कृष्ट सार्वभौमिक मूल्य के विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल मोहनजोदड़ो के पुरातात्विक खंडहर तीसरी सहस्राब्दी ईसा पूर्व में पूरी तरह से कच्ची ईंटों से बने हैं। यह सिंधु घाटी में स्थित है।