अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने ईरान में चल रहे महिलाओं के संघर्ष का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने संघर्षरत महिलाओं को साहसी बताते हुए अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर समर्थन में लंबा पोस्ट लिखा। उन्होंने लिखा है कि ईरान और दुनिया भर में महिलाएं खड़ी हैं और अपनी आवाज उठा रही हैं, सार्वजनिक रूप से अपने बाल काट रही हैं और महसा अमिनी तथा कई अन्य लोगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन कर रही हैं, जिनके युवा जीवन को ईरानी नैतिकता पुलिस ने इतनी बेरहमी से छीन लिया था। जो आवाजें जबरदस्ती चुप्पी के बाद बोलती हैं, वे ज्वालामुखी की तरह फट जाएंगी! और वे नहीं रुकेंगी और न ही दबेंगी।
प्रियंका चोपड़ा ने आगे आंदोलन कर रही महिलाओं की तारीफ करते हुए लिखा कि मैं आपके साहस और आपके उद्देश्य से हैरान हूं।अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए और चुनौती देने के लिए अपने जीवन को जोखिम में डालना आसान नहीं है। लेकिन, आप साहसी महिलाएं हैं जो हर दिन ऐसा कर रही हैं, चाहे इसकी कीमत कुछ भी हो।
महसा अमिनी की मौत के बाद भड़का था आंदोलन
ईरान में 22 साल की महसा को 13 सितंबर को उस समय गिरफ्तार किया गया था जब वह अपने भाई और अन्य रिश्तेदारों के साथ तेहरान मेट्रो स्टेशन से निकल रही थी। उन्हें हिजाब न पहनने पर महिलाओं के लिए ईरान के सख्त नियमों का उल्लंघन करने का आरोपी बता कर गिरफ्तार किया गया। इस दौरान उनसे मारपीट भी की गई। इसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे।
सत्ता में बैठे लोग बात सुनें
प्रियंका ने अधिकारियों और सत्ता में बैठे लोगों से प्रदर्शनकारियों की पुकार सुनने और उनके मुद्दों को समझने का आग्रह किया। उन्होंने लिखा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि इस आंदोलन का स्थायी प्रभाव होगा, हमें उनकी पुकार सुननी चाहिए, मुद्दों को समझना चाहिए और फिर अपनी सामूहिक आवाज के साथ जुड़ना चाहिए।
ईरानी महिलाओं के लिए बेल्जियम की विदेश मंत्री हदजा ने संसद में काटे बाल
बेल्जियम की विदेश मंत्री हदजा लाहबीब और दो अन्य सांसदों ने ईरान में 22 वर्षीय महसा अमिनी की पुलिस हिरासत में हुई मौत के बाद भड़के प्रदर्शनों के बीच संसद में अपने बाल काटे। इससे पहले बुधवार को यूरोपीय संसद के स्वीडिश सदस्य अबीर अल-सहलानी ने भी बाल काटे थे। हदजा ने संसद में बाल काटकर ईरानी मूल की सांसद दार्या सैफई के सामने खुद को एक उदाहरण के रूप में पेश किया।
सैफई ने अन्य सांसदों से तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कैंची ली और इस मुद्दे पर बेल्जियम के रुख के बारे में पूछा। इस बीच तीसरी सांसद गोएदेल लिकेन्स ने भी अपने बाल काट दिए। अल्जीरियाई माता-पिता से बेल्जियम में पैदा हुई लाहबीब ने संसद को बताया कि उनकी सरकार यूरोपीय संघ से इस माह के अंत में विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान ईरान पर प्रतिबंध लगाने के लिए कहेंगी। अमिनी की मौत के बाद यह आंदोलन लंदन, पेरिस, रोम और मैड्रिड समेत कई विदेशी शहरों में फैल गया है।