इस्राइल और हमास के बीच लंबे समय से युद्ध जारी है। अमेरिकी विदेश मंत्री इन दिनों मध्य पूर्व के दौरे पर थे। दौर के आखिरी दिन उन्होंने कहा कि फलस्तीनी क्षेत्र में भयंकर लड़ाई चल रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि गाजा में संघर्ष विराम और बंधकों की रिहाई का समझौता अब भी संभव है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, एक दिन पहले ही इस्राइल ने लेबनान के आंतकी समूह हिजबुल्लाह के वरिष्ठ कमांडर को मौत के घाट उतार दिया, जिसके बाद उत्तरी इस्राइल पर हिजबुल्लाह रॉकेट की बारिश कर रहा है।
हमास ने इस्राइल पर दबाव डालने का किया आग्रह
सुरक्षा परिषद में पहला प्रस्ताव पास
बता दें, 10 जून को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से संघर्ष विराम योजना का समर्थन किया और अपने पहले प्रस्ताव को मंजूरी दी। यह प्रस्ताव अमेरिका ने पेश किया था, जो 14-0 से पास हो गया। मतदान के दौरान रूस वहां उपस्थित नहीं था। इस दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि इस्राइल ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। अमेरिका ने हमास से आह्वान किया था कि वह भी प्रस्ताव को स्वीकार करे। प्रस्ताव पर अमेरिका ने कहा कि यह इस्राइल और हमास बिना किसी शर्त के प्रस्ताव की शर्तों को पूरी तरह से लागू करें।
हमास ने प्रस्ताव का किया स्वागत
सात अक्तूबर से जारी है युद्ध
गौरतलब है कि सात अक्तूबर की सुबह हमास द्वारा करीब 5000 रॉकेट इस्राइली शहरों पर दागे गए थे. जिसके बाद से दोनों पक्षों में युद्ध जारी है। इस्राइल ने इस हमले को आंतकी हमला करार दिया है। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कमस खाई है कि वह जब तक हमास को पूर्ण रूप से खत्म नहीं कर देते, तब तक वे युद्ध विराम नहीं करेंगे। गाजा स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस्राइली हमलों में 36,700 से अधिक फलस्तीनियों की मौत हो गई है। वहीं, 80 हजार से अधिक लोग घायल हैं। इनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे हैं। 80% आबादी विस्थापित हो गई है और सैकड़ों हजारों लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं।