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Exclusive: हमले के अलर्ट सिस्टम के बावजूद क्यों हुईं इतनी मौतें? इस्राइल की भारतवंशी शेफ ने बताई वजह

Tue, 10 Oct 2023 03:57 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रीना पुष्करणा ने बताया कि हमास के आतंकियों ने हमले का वक्त सुबह का चुना, उस वक्त काफी लोग सो रहे थे। इसके चलते लोग समय रहते अलर्ट नहीं हो पाए।
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रीना पुष्करणा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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इस्राइल पर बीते शनिवार को 50 सालों का सबसे बड़ा हमला हुआ और इस हमले के दौरान हमास के आतंकियों द्वारा की गई बर्बरता से पूरी दुनिया स्तब्ध है। इस्राइल में सुरक्षा के इंतजाम इतने पुख्ता माने जाते हैं कि उसका लोहा पूरी दुनिया मानती है लेकिन इतनी अभेद्य सुरक्षा के बावजूद हमास के आतंकियों ने जिस तरह से कई घंटे तक आम नागरिकों को मौत के घाट उतारा, उससे इस्राइल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इस मुद्दे पर अमर उजाला ने इस्राइल में मौजूद भारतीय मूल की मशहूर शेफ रीना पुष्करणा से एक्सक्लूसिव बातचीत की। रीना पुष्करणा बीते 40 सालों से इस्राइल में रह रही हैं और वहां उनके कई रेस्तरां हैं। रीना ने टेलीफोन पर हुई बातचीत में बताया कि इस्राइल में हमले के समय अलर्ट सिस्टम कैसे काम करता है और इतनी बेहतरीन व्यवस्था होने के बावजूद इस्राइल में इतना बड़ा नरसंहार कैसे हुआ? 
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कैसे काम करता है इस्राइल का अलर्ट सिस्टम 
रीना पुष्करणा ने बताया कि इस्राइल की सेना द्वारा एक एप विकसित की गई है, जिसे सभी नागरिक अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड करके रखते हैं। जैसे ही हमला होता है तो उस एप के जरिए सभी लोगों के मोबाइल फोन पर अलर्ट आ जाता है। रीना पुष्करणा ने ये भी बताया कि इस्राइल के हर घर में रॉकेट हमलों से बचने के लिए बंकर होते हैं। अलर्ट जारी होते ही सभी लोग तुरंत बंकरों में छिप जाते हैं। इसके साथ ही हमले के समय टीवी की आधी स्क्रीन पर भी अलर्ट संदेश प्रसारित होते हैं, जिनमें लोगों को हमले की सूचना दी जाती है और ये भी बताया जाता है कि उनके पास बंकरों में जाने के लिए कितने मिनट का समय है। साथ ही ये भी जानकारी दी जाती है कि हमला किस दिशा से हुआ है। 



इतने पुख्ता इंतजाम के बाद भी क्यों हुआ इस्राइल में नरसंहार?
रीना पुष्करणा ने बताया कि हमास के आतंकियों ने हमले का वक्त सुबह का चुना, उस वक्त काफी लोग सो रहे थे। इसके चलते लोग समय रहते अलर्ट नहीं हो पाए। रीना पुष्करणा ने हमले के वक्त लोगों पर बीती व्यथा के बारे में बताते हुए कहा कि बंकर में लोग तभी सुरक्षित रह सकते हैं, जब उनके दरवाजे ठीक तरह से लॉक किए जाएं। हमास के आतंकियों ने इतनी तेजी से हमला किया कि या तो लोग बंकरों में जा ही नहीं पाए और कुछ गए तो समय रहते बंकर के दरवाजे बंद नहीं कर पाए और आतंकियों ने वहीं पर पूरे परिवार को गोलियों से भून दिया। रीना पुष्करणा ने बताया कि कई परिवार बंकरों में पहुंच गए थे लेकिन आतंकियों ने ग्रेनेड बरसाकर घरों में आग लगा दी। इसके चलते या तो कई लोग जलकर मर गए वहीं कुछ लोग आग से घबराकर बाहर निकले तो उन्हें आतंकियों ने गोलियों से भून दिया। 
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