पूरी दुनिया कोरोना वायरस का दंश झेल रही है। अभी तक इस वायरस के इलाज के लिए कोई वैक्सीन तैयार नहीं हो पाई है। दुनियाभर के वैज्ञानिक इस वायरस का काट ढूंढ़ने में लगे हुए हैं। इसी कड़ी में जर्मनी ने नोवेल कोरोना वायरस के इलाज के लिए टीके के विकास के लिहाज से अपने पहले क्लीनिकल परीक्षण की मंजूरी दे दी है।
जर्मनी की नियामक संस्था ने जर्मन कंपनी बायोनटेक और अमेरिकी कंपनी फाइजर द्वारा विकसित एक आरएनए वैक्सीन के मनुष्यों पर परीक्षण के लिए हरी झंडी दे दी है। नियामक इकाई ने एक बयान में कहा कि पॉल-एहरलिक-इंस्टीट्यूट ने जर्मनी में कोविड-19 के खिलाफ टीके के पहले क्लीनिकल परीक्षण की स्वीकृति दे दी है। उसने बताया कि संभावित जोखिम का सावधानी से आकलन करने के बाद मंजूरी दी गई है।
गौरतलब हो कि दुनिया वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के दौर से गुजर रही है। कोरोना से मरने वालों की संख्या में रोज बढ़ोतरी हो रही है। इस वायरस से अब तक एक लाख 77 हजार से ज्यादा मौत हो चुकी हैं और 25 लाख 57 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। जबकि छह लाख 90 हजार से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं। दुनिया में सबसे ज्यादा प्रभावित देश अमेरिका में मृतकों की संख्या 45 हजार को पार कर गई है और आठ लाख 19 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं।