फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि फ्रांस का मकसद यूक्रेन को बचाना है, रूस को कुचलना नहीं। म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में शामिल होने जर्मनी पहुंचे मैक्रों ने साक्षात्कार में कहा कि वे इस सोच के समर्थक नहीं है कि सभी को मिलकर रूस पर हमला कर देना चाहिए, जबकि कुछ का मकसद ही उसे तबाह कर देना है। हालांकि, फिलहाल वे यह सुझाव नहीं देंगे कि रूस के साथ शांतिवार्ता की जाए।
सुनक बोले- पुतिन को गलत साबित करना जरूरी
सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के दौरान ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा कि यूक्रेन के भविष्य को बचाने के लिए रूस को गलत साबित करना बेहद जरूरी है। जब यह युद्ध शुरू हुआ था तो पुतिन को लगा था कि वे पश्चिम को यूरोपीय एकता को तोड़कर सभी को झुका लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब वक्त है कि पुतिन ने जो गलत किया है उसकी कीमत वसूलते हुए पुतिन को गलत साबित किया जाए।
अमेरिका ने किया परमाणु बम गिराने का अभ्यास
वहीं, कोरियाई प्रायद्वीप में फिर से तनाव बढ़ गया है। रविवार को उत्तर कोरिया के जवाब में द. कोरिया, जापान और अमेरिका ने बम वर्षक हवाई जहाजों से अभ्यास किया। अमेरिका ने इस अभ्यास में परमाणु हमले में सक्षम बी-1बी का इस्तेमाल किया। बता दें कि उत्तर कोरिया ने शनिवार को बिना चेतावनी के अंतरमहाद्वीपीय बैलिकस्टिक मिसाइल ह्वासोंग-15 दागी थी।