फ्रांस के मामले पर दुनिया की नजरें
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फ्रांस में एक महिला दशकों तक अपने ही घर में सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई। अब महिला ने अपने ऊपर हुए अत्याचार के खिलाफ मुखरता से आवाज उठाई है और वह महिला दुनियाभर में महिला अधिकारों की मुखर आवाज बनकर उभरी है। पीड़िता का उसके पति ने ही अन्य लोगों के साथ मिलकर दशकों तक शारीरिक शोषण किया।
पति ने ही किया शोषण
71 वर्षीय गिसेल पेलीकोट को साल 2020 में पता चला कि उनके पति ने ही वर्षों तक गोपनीय तरीके से कई अन्य लोगों के साथ मिलकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपी पति गिसेल को बेहोशी की दवाई देकर सुला देता था और फिर कई लोगों के साथ उसका शारीरिक शोषण करता रहा। अब इस खुलासे के बाद गिसेल ने अपने साथ हुए अत्याचार पर चुप रहने के बजाय उसके खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया। गिसेल ने अपने पति से तलाक ले लिया है और उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मुकदमा दायर किया है।
बड़ी संख्या में लोग गिसेल के समर्थन में उतरे
अदालत में महिला का पक्ष रख रहे वकील का कहना है कि महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने वाले लोगों को शर्मिंदा होने की जरूरत है न कि पीड़िता को। वकील ने कहा कि शर्म को अपना पक्ष बदलना चाहिए। अब गिसेल पेलीकोट की लड़ाई का नारा भी ये बन गया है कि शर्म को अपना पक्ष बदलना चाहिए। बड़ी संख्या में आम लोग गिसेल का समर्थन कर रहे हैं और उनकी जीवटता की तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि गिसेल उन महिलाओं, बच्चों और पुरुषों की आवाज उठा रही हैं, जिन्होंने भी दुर्व्यवहार झेला है। गिसेल का कहना है कि वह अंत तक इस लड़ाई को लड़ेंगी।
जर्मनी से फ्रांस शिफ्ट हुआ था परिवार
गिसेल पेलीकोट का जन्म 1952 को जर्मनी में हुआ था और जब वह पांच साल की थी, तभी वह अपने परिवार के साथ फ्रांस आ गईं थी। गिसेल साल 1971 में अपने पूर्व पति डोमिनिक पेलीकोट से मिलीं। गिसेल को अपने साथ हुई ज्यादती का शायद पता भी नहीं चलता अगर साल 2020 में पुलिस ने डोमिनिक पेलीकोट को महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करते हुए न पकड़ा होता। फिलहाल मुकदमा चल रहा है और पूरी दुनिया में महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ने वाले लोगों की निगाहें इस मुकदमे पर लगी हैं।