नेपाल की प्रमुख विपक्षी पार्टी- सीपीएन-यूएमएल के दसवें राष्ट्रीय अधिवेशन के मौके पर यहां राजनीतिक पर्यवेक्षकों का ध्यान यह देखने पर टिका है कि इस पार्टी पर पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की अब कितनी पकड़ कायम है। तीन दिन का राष्ट्रीय अधिवेशन शुक्रवार को चितवन में शुरू हो रहा है। जानकारों का कहना है कि इस सम्मेलन में सीपीएन-यूएमल की आगे की दिशा तय होगी, जिसका देश की राजनीति पर भी असर पड़ेगा।
पर्यवेक्षकों का कहना है कि माधव नेपाल के अलग होने के बाद यूएमएल में ओली के नेतृत्व को अब ज्यादा चुनौती नहीं रह गई है। इसीलिए अब वे अपने समर्थक नेताओं को पार्टी के महत्वपूर्ण पदों पर बैठाने की तैयारी में हैं। राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान वे वरिष्ठ उपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, और सचिव पदों पर अपने समर्थकों की बैठाने की कोशिश करेंगे। लेकिन कई जानकारों का कहना है कि ऐसा करना अभी भी ओली के लिए बहुत आसान नहीं होगा।
बल्कि पार्टी के मौजूदा उपाध्यक्ष भीम रावल ने अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है। उनके उम्मीदवारी का एलान करने के बाद ओली ने कहा- ‘वे मेरे लिए कोई चुनौती नहीं हैं।’ उन्होंने कहा- ‘यूएमएल एक लोकतांत्रिक पार्टी है। इसलिए मैं किसी पर चुनाव लड़ने या ना लड़ने के लिए दबाव नहीं डालूंगा। मैंने अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने का फैसला किया है। मेरे खिलाफ जो भी खड़ा होगा, उसका मैं स्वागत करूंगा।’