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Pakistan: छह साल बाद ब्रिटेन से पाकिस्तान लौटे नवाज के बेटे, पनामा पेपर मामले में जारी हुआ था गिरफ्तारी वारंट

Tue, 12 Mar 2024 06:53 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

Pakistan: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के दोनों बेटे छह साल के आत्म-निर्वासन के बाद मंगलवार को लंदन से अपने देश लौट आए। उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच लाहौर के उनके जाती उमरा आवास पर ले जाया गया।  
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नवाज शरीफ के बेटे हुसैन और हसन। - फोटो : एक्स/युनुस शाह
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विस्तार
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के दोनों बेटे छह साल के आत्म-निर्वासन के बाद मंगलवार को लंदन से अपने देश लौट आए। हसन नवाज और हुसैन नवाज का नाम 2016 में पनामा पेपर घाटाले में आया था। जिसके बाद दोनों ने 2018 में देश छोड़ दिया था। उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। जिसे एक जवाबदेही अदालत ने हाल ही में रद्द कर दिया। 

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जवाबदेही अदालत ने 2018 में एवेनफील्ड मामले में दोनों को भगोड़ा अपराधी घोषित किया था। उनके खिलाफ गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। एवेनफील्ड मामल शरीफ परिवार के स्वामित्व और लंदन में लग्जरी अपार्टमेंट के अधिग्रहण से जुड़ा है। 

सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पार्टी ने एक बयान में कहा, नवाज के बेटे मंगलवार को लंदन से यहां पहुंचे। उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच लाहौर के उनके जाती उमरा आवास पर ले जाया गया। नवाज शरीफ पीएमएल-एन के प्रमुख हैं। 
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शरीफ परिवार के जाती उमरा आवास को पहले ही मुख्यमंत्री आवास घोषित किया जा चुका है, जहां पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज औऱ उनके पिता नवाज शरीफ की सुरक्षा और प्रोटोकॉल के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।  

नवाज के बेटे हुसैन और हसन ने अपने वकील के जरिए इस्लामाबाद की जवाबदेही अदालत में याचिका दायर की थी। याचिका में उन्होंने एवेनफील्ड अपार्टमेंट, अल-अजीजिया और अन्य मामलों में उनके खिलाफ जारी वारंट को रद्द करने की मांग की थी। जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया था। 

अदालत ने पिछले हफ्ते पनामा पेपर से जुड़े भ्रष्टाचार के तीन मामलों में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट 14 मार्च तक रद्द कर दिया था। हुसैन और हसन दोनों ब्रिटिश नागरिक हैं। दोनों को 2018 में उनके पिता नवाज शरीफ, बहन मरियम नवाज और उनके पति मुहम्मद सफदर के साथ अलग-अलग मामलों में फंसाया गया था।

नवाज शरीफ सहित सभी आरोपियों को सभी मामलों में बरी किया जा चुका है और केवल हुसैन और हसन को अभी भी अदालतों का सामना करना है। अपने पिता की तरह दोनों भाइयों के सभी तीन मामलों में बरी होने की संभावना है। दरअसल, राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने उन्हें क्लीन चिट दे दी है। एनएबी ने ही उनके खिलाफ ये मामले दर्ज किए थे। 

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