अधिकारियों ने 90 साल के पूर्व बिशप जोसेफ जेन और उनके समर्थकों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मुकदमा चलाने का निर्णय लिया है। एशिया में कैथोलिक धर्म के सबसे वरिष्ठ विद्वान माने जाने वाले जेन को इसी साल मई में राष्ट्रीय सुरक्षा पुलिस ने कोंटोपोप स्टार डेनिस हो व दो अन्य के साथ गिरफ्तार कर लिया था। इन चारों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत विदेशी शक्तियों से सांठगांठ का आरोप लगाया गया है।
इसके तहत आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, उन पर 2019 में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों के लिए फंड चलाने में भूमिका के लिए भी आरोप लगाया गया है। यह फंड गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों को मानवीय, चिकित्सीय और कानूनी सहायता उपलब्ध कराता था। राष्ट्रीय सुरक्षा पुलिस की जांच के बाद फंड ने पिछले साल अपना काम बंद कर दिया था।
यूएनएचआरसी : अमेरिका व पश्चिमी देशों ने कहा, शिनजियांग पर हो चर्चा
अमेरिका व उसके पश्चिमी सहयोगी देशों ने प्रस्ताव रखा कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में चीन के शिनजियांग क्षेत्र में उइघरों व अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यकों के मानवाधिकार कुचलने पर विशेष चर्चा कराई जाए।
अमेरिका के साथ ब्रिटेन, कनाडा, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और स्वीडन के गुट ने प्रस्ताव में कहा है कि 2023 की शुरुआत में होने वाले यूएनएचआरसी के अगले सत्र में यह विशेष चर्चा होनी चाहिए। हाल में ताइवान के भविष्य जैसे मुद्दों पर टकराव के बाद पश्चिम और चीन के बीच तनाव का यह नया विषय बन सकता है।
प्रस्ताव को स्वीकृति मिली तो यूएनएचआरसी के एजेंडे में पहली बार चीन में मानवाधिकार उल्लंघन का मामला औपचारिक रूप से शामिल हो जाएगा। अब विश्लेषकों की नजर इस बात पर है कि यूएनएचआरसी के 7 अक्तूबर तक चलने वाले मौजूदा सत्र में पश्चिमी देश अपने प्रस्ताव के पक्ष में पर्याप्त राजनीतिक समर्थन जुटा पाते हैं या नहीं।
टेलीकॉम कंपनियों के लिए साइबर कानून सख्त करेगा ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने सोमवार को कहा कि वह टेलीकॉम कंपनियों के लिए साइबर सुरक्षा कानून सख्त करने पर विचार कर रही है। साथ ही, उसने देश की दूसरी सबसे बड़ी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी ऑप्टस को 98 लाख उपभोक्ताओं का व्यक्तिगत डाटा लीक होने के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
ऑप्टस ने बृहस्पतिवार को बताया, उसे जानकारी मिली है कि उसके 98 लाख ग्राहकों का डाटा साइबर हमले में चोरी हो गया है। साइबर सुरक्षा मंत्री क्लेयर ओ’नील ने ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन से कहा कि देश के इतिहास में उपभोक्ताओं का डाटा लीक होने का यह अभूतपूर्व मामला है। इनमें 28 लाख पूर्व और वर्तमान ग्राहकों के ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट नंबर जैसी जानकारियां भी हैं।
संसद में उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी टेलीकॉम कंपनी की सुरक्षा में इस तरह सेंध नहीं लगनी चाहिए थी। कुछ देशों में ऐसा होने पर करोड़ों डॉलर का जुर्माना होता, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई कानून में ऐसा कोई कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए कानून में बदलाव जरूरी है।
टैक्स कटौती के बाद पाउंड सार्वकालिक निचले स्तर पर
ब्रिटेन में मुख्य कोषाध्यक्ष क्वास्की क्वार्टेंग के टैक्स कटौती पैकेज की घोषणा के बाद आर्थिक नीति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मंदी की आशंका गहराने से डॉलर के मुकाबले ब्रिटिश पाउंड अब तक के सबसे निचले स्तर 1.0373 पर पहुंच गया। मुद्रा की कमजोरी से ब्रिटेन की नई लिज ट्रस सरकार पर दबाव पड़ने की आशंका है, जिसने आर्थिक वृद्धि के लिए टैक्स कटौती और ज्यादा उधार लेने की नीति पर दाव लगाया है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि इस नीति से पहले ही चिंता का सबब बनी मुद्रास्फीति के और बढ़ने की आशंका है।
चीन-उत्तर कोरिया में मालगाड़ी यातायात शुरू
उत्तर कोरिया और चीन के बीच पांच महीने बाद सोमवार को मालगाड़ी सेवा बहाल कर दी गई। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने बताया कि उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था कोविड महामारी और यूएन पाबंदियों के चलते प्रभावित हुई है और पुनरुद्धार के लिए संघर्ष कर रही है।कोरिया के साथ संबंधों से जुड़े दक्षिण कोरियाई एकीकरण मंत्रालय ने कहा कि उसने सोमवार को फिर से शुरू हुई उत्तर कोरिया-चीन माल रेलवे सेवा का आकलन किया।
मंत्रालय ने कहा, रेलगाड़ी सेवा कितने समय तक चलेगी और किस माल की आवाजाही पहले होगी, यह देखा जाना बाकी है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा, दोनों देश अपने दो सीमावर्ती शहरों के बीच सीमापार माल आवाजाही को फिर से बहाल करने पर सहमत हुए हैं। सीमावर्ती शहर डानडोंग से चली 10 डिब्बे वाली मालगाड़ी को रेलवे पुल पार करके उत्तर कोरिया के सिनुइजु शहर में प्रवेश करते देखा गया है।
अरब क्रांति के समर्थक धार्मिक विद्वान क्वारादावी का निधन
वरिष्ठ मुस्लिम धार्मिक विद्वान शेख यूसुफ अल-क्वारादावी का 96 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर यह खबर दी गई है। क्वारादावी आध्यात्मिक नेता तो थे ही, मुस्लिम ब्रदरहुड और अरब क्रांति के समर्थक भी थे।
मिस्र में 1926 में जन्मे क्वारादावी ने जीवन का ज्यादातर समय कतर में बिताया। वहां अल-जजीरा नेटवर्क पर लगातार उनके भाषणों का प्रसारण होता था। वह सुन्नी मुस्लिम समुदाय के सर्वाधिक प्रभावशाली धार्मिक नेता बन गए। उन्होंने कट्टर धार्मिक विचारधाराओं वाले अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट के साथ ही अरब के अन्य भागों में आतंकी गतिविधियों का समर्थन किया।
मिस्र के राष्ट्रपति अब्देह फतह अल-सिसी के साथ वह सऊदी नेतृत्व के भी कटु आलोचक थे। मिस्र की एक अदालत ने 2015 में गैरहाजिरी में ब्रदरहुड नेताओं के साथ क्वारादावी को मौत की सजा सुनाई थी। मिस्र ने आतंकवाद के आरोप में 2017 से 2021 तक उनकी बेटी को जेल में रखा। उनका दामाद अब भी जेल में ही है।