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Pakistan Floods: बाढ़ के बाद मलेरिया से पाकिस्तान की हालत खराब, अब भारत से 60 लाख मच्छरदानी खरीदेगा

Tue, 11 Oct 2022 07:01 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा विनियम और समन्वय ने पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय से भारत से लगभग 7.1 मिलियन मच्छरदानी खरीदने की अनुमति मांगी थी। एनएचएस के अधिकारी ने पहले इस बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि हमने भारत से मच्छरदानी खरीद की अनुमति देने के लिए वाणिज्य मंत्रालय को पत्र लिखा है।
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पाकिस्तान में बाढ़ के बाद के हालात - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पाकिस्तान में अब बाढ़ पीड़ित इलाकों में पानी के जमाव के कारण होने वाली बीमारियों का कहर टूट रहा है। पड़ोसी देश में इन बीमारियों के कारण बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो रही है। वहां के अधिकारियों कहा कहना है कि हालात बेकाबू हो रहे हैं। इसी बीच, पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को भारत से 60 लाख से अधिक मच्छरदानी खरीदने के लिए अनुमति दे दी है।  

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रिपोर्ट्स में बताया गया है कि पाकिस्तान के लिए मच्छरदानी खरीदने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ग्लोबल फंड द्वारा उपलब्ध कराए गए वित्तीय संसाधनों का उपयोग कर रहा है। डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों ने इस बाबत जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि वे जल्दी से जल्दी मच्छरदानी हासिल करने के लिए योजना बना रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले महीने यानी नवंबर तक वाघा मार्ग के जरिये वे भारत से मच्छरदानी हासिल करेंगे। 

भारत से मच्छरदानी खरीदने को विवश पाकिस्तान
बता दें कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा, विनियम और समन्वय ने पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय से भारत से लगभग 7.1 मिलियन मच्छरदानी खरीदने की अनुमति मांगी थी। एनएचएस के अधिकारी ने पहले इस बारे में जानकारी दी थी कि हमने भारत से मच्छरदानी खरीद की अनुमति देने के लिए वाणिज्य मंत्रालय को पत्र लिखा है। अगर अनुमति दी जाती है, तो ग्लोबल फंड ने हमें कुछ दिनों के भीतर मच्छरदानी की आवश्यक संख्या की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि ग्लोबल फंड राष्ट्रीय मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के लिए प्रमुख दाता है। पाकिस्तान के कई हिस्सों में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण अब तक 1,700 से अधिक लोगों की जान गई है। इसके साथ ही 33 मिलियन लोग विस्थापित हुए और देश का एक तिहाई हिस्सा पानी में डूब गया है। इसके साथ ही  विभिन्न प्रकार के जल जनित और वेक्टर जनित रोगों में वृद्धि हुई है।
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डब्ल्यूएचओ ने पहले ही दी थी चेतावनी
गौरतलब है कि सितंबर माह में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान में बाढ़ के बाद बढ़ रही मलेरिया जैसी बीमारियों में वृद्धि देश में दूसरी आपदा का कारण बन सकती है। वहीं, बीते सप्ताह डब्ल्यूएचओ ने जनवरी 2023 तक बाढ़ प्रभावित पाकिस्तान के 32 जिलों में 27 लाख मलेरिया के मामलों की चेतावनी दी थी।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, सिंध और बलूचिस्तान के बाढ़ प्रभावित जिलों में मलेरिया परीक्षण किट, मलेरिया-रोधी दवाओं और मच्छरदानी की सख्त जरूरत है। य़हां पुरुषों, महिलाओं और बच्चों में मलेरिया के सबसे घातक प्रकार प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम के सैकड़ों मामले सामने आ रहे हैं। 

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