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अफगानिस्तान: तालिबान ने काबुल के अखबार एटिलाट्रोज के पांच पत्रकारों को गिरफ्तार किया, जानिए क्या है मामला

Wed, 08 Sep 2021 03:12 PM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल

सार

तालिबान कहता रहा है कि अफगानिस्तान में मीडिया पहले की तरह ही काम कर सकता है। इसके बावजूद यह कार्रवाई उसके असली चेहरे को उजागर करती है। इसके अलावा तालिबान ने मीडिया को कुछ चेतावनी भी दी थी।
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तालिबान (फाइल) - फोटो : ANI
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विस्तार
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अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद हालात बद से बदतर होते दिखाई दे रहे हैं। एक ओर तालिबान बदलने का नाटक कर के दुनिया से मान्यता लेने की फिराक में हैं। वहीं, दूसरी ओर तालिबानी लड़ाके अफगानिस्तान में जुर्म ढाने से बाज नहीं आ रहे हैं। इस बीच खबर है कि तालिबान ने काबुल के अखबार एटिलाट्रोज के पांच पत्रकारों को गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी एएनआई ने टोलो न्यूज के हवाले से यह जानकारी दी है।

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मीडिया को काम करने देने का दावा करता रहा है तालिबान 
हालांकि, दुनिया तालिबान कहता रहा है कि अफगानिस्तान में मीडिया पहले की तरह ही काम कर सकता है। इसके बावजूद यह कार्रवाई उसके असली चेहरे को उजागर करती रही है। इसके अलावा तालिबान ने मीडिया को कुछ चेतावनी भी दी थी। तालिबानी प्रवक्ता ने कहा था कि मीडिया को आलोचना की इजाजत है, लेकिन वह किसी का चरित्र हनन नहीं कर सकती।के सामने खुद को बदला हुआ दिखाने के लिए तालिबान के एक नेता ने हाल ही में महिला पत्रकार को इंटरव्यू भी दिया था।

जिस महिला ने तालिबान नेता का इंटरव्यू लिया था, उसने बाद में बताया था कि जब उसने तालिबानी नेता को स्टूडियो में आते देखा तो वह घबरा गई, लेकिन उसके व्यवहार और सवालों के जवाब देने से उसे थोड़ा आराम मिला। हालांकि, यही महिला पत्रकार बाद में देश छोड़कर चली गई।
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जुलाई में भारत के फोटो-पत्रकार का हुआ था कत्ल
इससे पहले जुलाई में भारत के फोटो-पत्रकार दानिश सिद्दीकी का कंधार में इन लोगों ने क्रूरता से कत्ल किया था। दानिश इनकी पकड़ में आ गए थे। जब उन्हें पता चला कि वह पत्रकार हैं और विदेशी एजेंसी के लिए काम करते हैं, तो लड़ाकों ने तड़पा-तड़पा कर दानिश की हत्या की। अफगान में वास्तव में यह समय ऐसा है, जिसमें कोई पत्रकार संगठन न जांच दल भेज सकता है न कोई पत्रकार आसानी से प्रवेश कर पूरी सच्चाई की छानबीन कर दुनिया के सामने रखने का साहस जुटा सकता है।

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