अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। काबुल एयरपोर्ट के पास दो आत्मघाती धमाकों के दो दिन बाद आज शनिवार को हवाईअड्डे के एंट्री गेट के पास फायरिंग की खबर है। कई राउंड की फायरिंग के बाद लोगों में दहशत का महौल है। हवाई अड्डे के आसपास आंसू गैल के गोले उठते दिख रहे हैं। फायरिंग के बाद लोग इधर-उधर भागते दिखाई दे रहे हैं।
वहीं अब ताजा जानकारी आ रही है कि हवाई अड्डे के तीन गेट पर तैनात रहे अमेरिका के सैनिक पीछे हट गए हैं। समाचार एजेंसी एएनआई ने टोलो न्यूज के हवाले से जानकारी दी है कि अमेरिकी सैनिकों ने काबुल हवाई अड्डे के तीन गेट और कुछ अन्य हिस्सों को छोड़ दिया है। ऐसे में अब तालिबान ने कहा है कि इन गेट पर अब उसका नियंत्रण है।
इसके अलावा रॉयटर्स के हवाले से खबर है कि अफगानिस्तान से नागरिकों को निकालने वाली ब्रिटेन की अंतिम उड़ान भी काबुल हवाई अड्डे से टेक ऑफ कर चुकी है। इसके साथ ही ब्रिटेन का अपने नागरिकों को यहां से निकालने का ऑपरेशन समाप्त हो गया है। बता दें कि ब्रिटेन ने यहां तालिबान के नियंत्रण के बाद दो सप्ताह में लगभग 15,000 अफगान और ब्रिटिश नागरिकों को एयरलिफ्ट किया है।
फ्रांस की तालिबान से बातचीत जारी: मैक्रों
इधर, समाचार एजेंसी एएफपी के हवाले से खबर है कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुए मैक्रों ने कहा कि वह मानवीय आधार पर लोगों को बाहर निकालने के अभियान को लेकर तालिबान के साथ बातचीत कर रहे हैं।
धमाकों में चली गई थी 103 लोगों की जान
काबुल एयरपोर्ट के पास गुरुवार को हुए हमले में अब तक करीब 103 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें 90 अफगानी नागरिक और 13 अमेरिकी सैनिक शामिल हैं। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक हमले में मारे गए 90 अफगानियों में 28 तालिबानी भी थे। ये सभी तालिबानी एयरपोर्ट के बाहर सुरक्षा में खड़े थे। बताया जा रहा है कि हमले में घायलों की संख्या 1300 पार हो चुकी है।