मध्य-पूर्वी अफ्रीका के देश रवांडा में 1994 में नरसंहार हुआ था। इस नरसंहार पर जाने माने निर्देशक टेरी जॉर्ज ने 2004 में एक फिल्म बनाई थी। नाम था...'होटल रवांडा'। ऑस्कर के लिए नॉमिनेट हुई इस फिल्म को कई अवार्ड मिले थे। अब यह फिल्म एक बार फिर से सुर्खियों में आ गई है।
दरअसल, इस फिल्म में रवांडा के एक होटल मैनेजर पाउल रूसेसबागिना को नायक के तौर पर दर्शाया गया था। हालांकि, अब वही पाउल रूसेसबागिना जेल जाने को तैयार है। किगाली कोर्ट ने उन्हें 25 साल कैद की सजा सुनाई है।
आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप
पाउल पर आरोप है कि वे आतंकी गतिविधियों में लिप्त हैं और एक ऐसे आतंकी संगठन से जुड़े हुए हैं, जिसने रवांडा में 2018-19 में हमले किए। बता दें इन आतंकी हमलों में नौ नागरिकों की मौत हो गई थी। पाउल को 2020 में इन आरोपों के चलते दुबई से गिरफ्तार भी किया गया था। हालांकि, वे हमेशा सभी आरोपों को खारिज करते आए हैं। सात महीने चले इस मामले की सुनवाई करते हुए किगाली कोर्ट ने उन्हें दोषी पाया है और आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण 25 साल जेल की सजा सुनाई है।
1200 लोगों की बचाई थी जान
67 साल के हो चुके पाउल के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने 1994 में हुए नरसंहार में करीब 1200 लोगों की जान बचाई थी। बताया जाता है कि होटल मैनेजर रहते हुए उन्होंने सैंकड़ों लोगों को शरण दी थी। इसे फिल्म 'होटल रवांडा' में दर्शाया भी गया है। इसी के चलते कोर्ट ने उनकी सजा को कम करते हुए 25 साल कर दिया।
सरकार के मुख्य आलोचक हैं पाउल
फिल्म आने के बाद पाउल को काफी लोकप्रियता मिली। इसी के साथ उन्होंने सरकार की आलोचना भी शुरू कर दी। देखते ही देखते वे सरकार के मुख्य आलोचक के तौर पर देखे जाने लगे। पाउल ने हमेशा अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है और दुबई में अपनी गिरफ्तारी को अपहरण करार दिया था।