अमेरिका के न्यूयॉर्क में मशहूर लेखक सलमान रुश्दी पर शुक्रवार को हमला हुआ। वह पश्चिमी न्यूयॉर्क में आयोजित एक कार्यक्रम में व्याख्यान देने वाले थे। रिपोर्ट के मुताबिक, एक व्यक्ति तेजी से उनकी ओर बढ़ा और धारदार चाकू से उनके गले पर हमला कर दिया। इसके बाद रुश्दी मंच पर गिर पड़े। न्यूयॉर्क पुलिस ने कहा कि एक संदिग्ध पुरुष मंच पर आया और रुश्दी के साथ इंटरव्यू लेने वाले पर हमला कर दिया। पुलिस ने संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया है।
रुश्दी पर हमले की निंदा दुनिया भर के लोग कर रहे हैं। मशहूर लेखक तस्लीमा नसरीन ने लिखा, ''मुझे अभी पता चला कि न्यूयॉर्क में सलमान रुश्दी पर हमला हुआ था। मैं सचमुच स्तब्ध हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा होगा। वह पश्चिम में रह रहा है और 1989 से उसकी रक्षा की जा रही है। यदि उस पर हमला किया जाता है, तो इस्लाम की आलोचना करने वाले किसी भी व्यक्ति पर हमला किया जा सकता है। मैं चिंतित हूं।''
अमेरिकी लेखक स्टीफन किंग ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, "मुझे उम्मीद है कि सलमान रुश्दी ठीक हैं।'' वहीं, भारतीय लेखक अमिताभ घोष ने लिखा, ''यह जानकर डर गया हूं कि न्यूयॉर्क में एक भाषण कार्यक्रम में सलमान रुश्दी पर हमला किया गया है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।"
अभी जीवित हैं रुश्दी: गवर्नर
न्यूयॉर्क राज्य की गर्वनर कैछी होचुल ने कहा, ''रुश्दी अभी जीवित हैं। उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा रहा है। रुश्दी को एयरलिफ्ट किया गया है। इवेंट मॉडरेटर पर भी हमला किया गया था। उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।"
किताब 'सैटेनिक वर्सेस' को लेकर विवादों में आए रुश्दी
रुश्दी भारतीय मूल के अंग्रेजी लेखक हैं। 1980 के दशक में अपनी एक किताब सैटेनिक वर्सेस को लेकर विवादों में आ गए थे। इस किताब को लेकर मुस्लिम समाज में काफी आक्रोश था, एक धार्मिक नेता ने उनकी मौत पर भी फतवा जारी किया था।
रुश्दी का जन्म 19 जून 1947 को मुंबई में एक कश्मीरी मुस्लिम परिवार में हुआ था। सैटेनिक वर्सेस और मिडनाइट चिल्ड्रेन जैसी किताबें लिखकर चर्चा में आए रुश्दी को बुकर पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।