लेकिन ईयू के कई सदस्य देशों में गैस निकालने की रफ्तार तेज करने का फैसला किया गया है। नॉर्वे की सबसे बड़ी गैस निर्यातक कंपनी एक्विनोर ने ज्यादा मात्रा में गैस निकालना शुरू भी कर दिया है। इस बीच कई देशों से ये मांग उठी है कि इस मामले में ईयू एक साझा कदम उठाए। स्पेन की वित्त मंत्री नाडिया कालविनो सांतामारिया ने कहा है कि बिजली की महंगाई के कारण स्पेन के लिए ये मसला प्राथमिकता में सबसे ऊपर हो गया है। इसलिए ईयू के एजेंडे पर इसे लाया जाएगा।
स्पेन सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि रूस की गैस सप्लायर कंपनी गैजप्रोम से ईयू सीधे गैस की खरीदारी करे। उसके मुताबिक अलग-अलग देशों के अपना सौदा करने से इस कंपनी को महंगी दरों पर गैस बेचने का मौका मिल रहा है। फ्रांस सरकार ने एक असाधारण कदम उठाते हुए देश में गैस की कीमत बढ़ाने पर रोक लगा दी है। इससे कंपनियों को बढ़ी कीमतों का बोझ खुद उठाना पड़ रहा है।
उधर, ग्रीस ने ईयू से मांग की है कि उसने उत्सर्जन ट्रेडिंग सिस्टम के तहत जो राजस्व इकट्ठा किया है, उसका कुछ हिस्सा वह तुरंत सदस्य देशों को लौटा दे, ताकि वे ऊर्जा की महंगाई का मुकाबला कर सकें। लेकिन यूरोपीय आयोग और ईयू के कुछ सदस्य देश इस सिस्टम में किसी छेड़छाड़ के खिलाफ हैं।