राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के देश छोड़कर भागने के बाद श्रीलंका में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए यहां आपातकाल लागू कर दिया गया है। प्रदर्शनकारी संसद और पीएम कार्यालय तक पहुंच गए हैं। उन्हें रोकने के लिए सुरक्षाकर्मी आंसू गैस के गोले दाग रहे हैं। बता दें कि राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के देश छोड़ने की खबर के बाद आम जनता में जबरदस्त गुस्सा है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने मीडिया संगठनों को सूचित किया कि देश में आपातकाल की स्थिति और पश्चिमी प्रांत में कर्फ्यू लगा दिया गया है।
रानिल विक्रमसिंघे बने कार्यवाहक राष्ट्रपति
श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री और संसद सदस्य रानिल विक्रमसिंघे को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया है। बता दें कि श्रीलंका के संविधान के तहत, यदि राष्ट्रपति और प्रधान मंत्री दोनों इस्तीफा देते हैं, तो संसद का अध्यक्ष अधिकतम 30 दिनों के लिए कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करेगा। संसद अपने सदस्यों में से 30 दिनों के भीतर एक नए अध्यक्ष का चुनाव करेगी, जो वर्तमान कार्यकाल के शेष दो वर्षों के लिए पद धारण करेगा।
श्रीलंका में राष्ट्रपति को गिरफ्तारी से है छूट
दरअसल, श्रीलंका में पदस्थ राष्ट्रपति को गिरफ्तारी से छूट प्राप्त है। ऐसे में माना जा रहा है कि गोतबाया राजपक्षे इस्तीफा देने से पहले विदेश भागना चाहते थे। उन्हें डर था कि इस्तीफा देते ही गोतबाया को गिरफ्तार किया जा सकता है। बता दें, गोतबाया को आज अपना इस्तीफा देना था।
गोतबाया के मालदीव भागने की वायु सेना ने की पुष्टि
श्रीलंका की वायु सेना ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे अपनी पत्नी के साथ मालदीव रवाना हो गया। बयान में कहा गया है कि, संविधान के प्रावधानों के तहत और सरकार के अनुरोध पर श्रीलंका की वायु सेना ने राष्ट्रपति, उनकी पत्नी और दो सुरक्षा अधिकारियों को मालदीव के लिए उड़ान भरने के लिए आज तड़के एक विमान उपलब्ध कराया।
श्रीलंका के राजनीतिक दलों ने सर्वदलीय सरकार बनाने के प्रयासों को तेज किया
वहीं श्रीलंका के राजनीतिक दलों ने सर्वदलीय सरकार बनाने के प्रयासों को तेज कर दिया है और बाद में दिवालिया राष्ट्र को अराजकता में आगे बढ़ने से रोकने के लिए 20 जुलाई को एक नए राष्ट्रपति का चुनाव किया जाएगा।