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Sri Lanka Crisis: राष्ट्रपति राजपक्षे को भारत ने की भगाने में मदद? सरकार ने दिया ये जवाब 

Wed, 13 Jul 2022 11:26 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो

सार

श्रीलंका एक अभूतपूर्व आर्थिक उथल-पुथल की चपेट में है, जो सात दशकों में सबसे खराब है। देश में लाखों लोग भोजन, दवा, ईंधन और अन्य आवश्यक चीजें खरीदने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस बीच राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे देश छोड़कर मालदीव पहुंच गए हैं। उन्हें आज अपना इस्तीफा देना था। 
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श्रीलंका संकट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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श्रीलंका में आर्थिक संकट और अराजक होती स्थिति के बीच राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे आज सुबह श्रीलंका से मालदीव रवाना हो गए। उन्होंने वायु सेना के विशेष विमान से अपनी पत्नी व दो सुरक्षाकर्मियों के साथ मालदीव के लिए उड़ान भरी। इस बीच यह खबरें जोर पकड़ रही हैं कि गोतबाया राजपक्षे के श्रीलंका से भागने में भारत सरकार ने मदद की। हालांकि, श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग ने इसका खंडन किया है। 

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भारतीय उच्चायोग द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि भारत सरकार ऐसी आधारहीन और अटकलबाजी मीडिया रिपोर्टों का स्पष्ट रूप से खंडन करती है कि भारत ने श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे की यात्रा को सुविधाजनक बनाया। उच्चायोग ने कहा, यह दोहराया जाता है कि भारत श्रीलंका के लोगों का समर्थन करना जारी रखेगा। 

गोतबाया के मालदीव भागने की वायु सेना ने की पुष्टि 
श्रीलंका की वायु सेना ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे अपनी पत्नी के साथ मालदीव रवाना हो गया। बयान में कहा गया है कि, संविधान के प्रावधानों के तहत और सरकार के अनुरोध पर श्रीलंका की वायु सेना ने राष्ट्रपति, उनकी पत्नी और दो सुरक्षा अधिकारियों को मालदीव के लिए उड़ान भरने के लिए आज तड़के एक विमान उपलब्ध कराया गया। 

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राष्ट्रपति को गिरफ्तारी से है छूट 
दरअसल, श्रीलंका में पदस्थ राष्ट्रपति को गिरफ्तारी से छूट प्राप्त है। ऐसे में माना जा रहा है कि गोतबाया राजपक्षे इस्तीफा देने से पहले विदेश भागना चाहते थे। उन्हें डर था कि इस्तीफा देते ही गोतबाया को गिरफ्तार किया जा सकता है। बता दें, गोतबाया को आज अपना इस्तीफा देना था। इससे पहले ही वे देश से फरार हो गए। बीते दिनों उन्होंने पद छोड़ने की घोषणा की थी, जब हजारों प्रदर्शनकारियों ने उनके आधिकारिक आवास पर धावा बोल दिया था। उन्हें अभूतपूर्व आर्थिक संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया था, जिसने देश को घुटनों पर ला दिया है।

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