चीन में जारी बिजली संकट से अब विश्व सप्लाई चेन में नई रुकावटें पैदा होने का अंदेशा पैदा हो गया है। चीन में पूरी बिजली ना मिल पाने के कारण अलग-अलग इलाकों में कारखानों के कामकाज पर बहुत खराब असर पड़ा है। खबरों के मुताबिक उन कंपनियों को भी बिजली की कमखर्ची करने को कहा गया है, जिनका संबंध विश्व सप्लाई चेन से है।
चीनी मीडिया ने अभी हो रही बिजली की कटौती को ‘अनपेक्षित और अभूतपूर्व’ बताया है। सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक मंगलवार को हीलोंगजियांग, जिलिन और लियाओनिंग प्रांतों में बिजली की सप्लाई में रुकावट के कारण लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और कारोबारी गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुईं। अखबार ने बताया कि इन प्रांतों में बिजली संकट ने सोमवार से ही गंभीर रूप ले रखा है। बिजली की कमी का असर दक्षिणी प्रांत गुआंगडोंग पर भी पड़ा है। गुआंगडोंग निर्यात का एक बड़ा केंद्र है। वहां कई कंपनियों में बिजली बचाने के लिए फिलहाल सप्ताह में सिर्फ दो या तीन दिन ही काम हो रहा है।
चीन के सरकारी पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ने कहा है कि वह बिजली सप्लाई बहाल करने के लिए पूरी जद्दोजहद कर रहा है। कॉरपोरेशन ने कहा कि उसकी प्राथमिकता पहले आवासीय उपभोग को सामान्य करना है। इस संकट की खबरों ने अमेरिका से लेकर यूरोप तक में चिंता पैदा की है। वहां के कई कारोबार और बाजार चीनी उत्पादों पर निर्भर हैं।
ताइवान की कंपनी पेगाट्रोन ने मंगलवार को आरोप लगाया कि ये संकट चीन सरकार की ऊर्जा बचाने की सख्त नीति के कारण पैदा हुआ है। ये कंपनी एपल के आईफोन के पुर्जे बनाती और उनकी असेंबलिंग करती है। इस कंपनी का एक बड़ा कारखाना चीन के कुनशान शहर में है। उसके प्रवक्ता ने अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन से कहा कि चीनी अधिकारियों ने अपनी सोची-समझी नीति के तहत बिजली की सप्लाई में कटौती कर दी है।