रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में श्रीलंका के आठ लड़ाके मारे गए हैं। श्रीलंकाई पुलिस ने इस बात की जानकारी दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ये लड़ाके रूस और यूक्रेन की सेनाओं में शामिल हुए थे। कुछ विदेशी एजेंसियों द्वारा श्रीलंका के कई पूर्व सैन्य कर्मियों को विदेश में रोजगार के नाम पर भ्रमित किया गया है। श्रीलंका पुलिस की सीआईडी विंग का कहना है कि आठ में से छह लड़ाके रूस में मारे गए, जबकि दो यूक्रेन में मारे गए। कुछ विदेशी एजेंसियों द्वारा इन पूर्व सैन्य कर्मियों को लड़ाकों के रूप में काम करने के लिए रूस और यूक्रेन भेजा गया।
रूस-यूक्रेन की सेनाओं में श्रीलंका के लड़ाके
एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इस समय लगभग 60 पूर्व सैन्य कर्मी रूस के लिए काम कर रहे हैं जबकि 23 यूक्रेन में है। सीआईडी के अनुसार कुछ एजेसियों ने श्रीलंका से कई पूर्व सैन्य कर्मियों को विदेश में रोजगार के नाम पर भ्रमित कर यूक्रेन और रूस भेजने का काम किया है।
एजेंसियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई
श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय के अधिकारी कमल गुणरत्ने ने कहा कि विदेशी एजेंसियों और उनके रैकेट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर गिरफ्तार किया जाएगा। इस मामले में कुरुनेगला के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र से एक सेवानिवृत्त मेजर जनरल और एक सार्जेंट को गिरफ्तार किया गया है। गुणरत्ने ने कहा कि ऐसी खबरें भी सामने आई हैं कि मोर्चे पर जाने वाले लड़ाकों को वेतन के रूप में 10-15 लाख रुपये की पेशकश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन एजेंसियों द्वारा ऐसा काम किया जा रहा है कि उनकी फिलहाल पहचान नहीं हो पाई है।
बता दें कि दिसंबर 2023 से रूस-यूक्रेन युद्ध में कई श्रीलंकाई लड़ाकों के मारे जाने की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद अप्रैल 2024 में श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया था कि यूक्रेन में श्रीलंकाई सैनिकों की कोई तैनाती नहीं है।